मोनिंदर सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 1977 में यूपीएससी परीक्षा पास की और 1978 बैच के आईएएस अधिकारी बने। वह 31 जुलाई 2012 में रिटायर हुए। रिटारमेंट से पहले मोनिंदर सिंह की गिनती उत्तर प्रदेश के ताकतवर अफसरों में की जाती थी। शासन में उनकी तू-ती बोलती थी। यही कारण था कि उन्हें एक समय में नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी का सीईओ बनाया गया था। इसके अलावा वह तीनों विकास प्राधिकरणों के भी चेयरमैन रहे थे।
नोएडा। उत्तर प्रदेश कैडर के एक पूर्व IAS अफसर के घर हीरे का भंडार मिला है। यह खुलासा तब हुआ है, जब ईडी ने उनकी कोठी पर छापेमारी की। दरअसल, यह अफसर किसी जमाने में नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ (CEO) के पद पर तैनात थे। दरअसल लोटस 300 प्रोजेक्ट मामले में ईडी ने देश भर में कई जगहों पर छापेमारी की। यह 300 करोड़ का घोटाला था। ईडी ने इस मामले में दिल्ली के अलावा नोएडा, मेरठ और चंडीगढ़ में छापा मारा। इसी दौरान नोएडा अथॉरिटी के पूर्व सीईओ रिटायर्ड IAS मोहिंदर सिंह के चंडीगढ़ स्थित कोठी पर भी ईडी ने छापेमारी की। ईडी के अधिकारी तक चौंक गए, जब रिटायर्ड IAS मोहिंदर सिंह के घर में हीरों का भंडार मिला। इनकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यही नहीं यहां से तकरीबन 7 करोड़ का सोना भी बरामद किया गया। जिस रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मोनिंदर सिंह के घर ईडी का छापा पड़ा है।
वह उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 1977 में यूपीएससी परीक्षा पास की और 1978 बैच के आईएएस अधिकारी बने। वह 31 जुलाई 2012 में रिटायर हुए। रिटारमेंट से पहले मोनिंदर सिंह की गिनती उत्तर प्रदेश के ताकतवर अफसरों में की जाती थी। मायावती शासन में उनकी तू-ती बोलती थी। यही कारण था कि उन्हें एक समय में नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी का सीईओ बनाया गया था। इसके अलावा वह तीनों विकास प्राधिकरणों के भी चेयरमैन रहे थे। मोनिंदर सिंह का नाम सुपरटेक और आम्रपाली बिल्डर घोटाले मामले में सामने आया था। सुपरटेक के विवादित ट्विन टावर मामले में नोएडा प्राधिकरण के 11 अधिकारियों को दोषी पाया गया था, जिसमें मोनिंदर सिंह का भी नाम था। इस मामले में कुल 26 अधिकारियों पर आरोप हैं, जिनमें से 20 अधिकारी रिटायर हो चुके हैं।

















