अपराधियों पर कड़ा प्रहार, जनता के लिए धवल जायसवाल का खुला दरबार

  • हर शिकायतकर्ता से सीधा संवाद, अपराधियों पर लगातार कार्रवाई-गाजियाबाद में दिख रहा पुलिस का नया चेहरा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की कार्यशैली में इस समय सबसे बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। नगर पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल रोजाना अपने कार्यालय में पहुंचकर सीधे जनता की शिकायतें सुन रहे हैं। शनिवार को भी वे कार्यालय में मौजूद रहे और दर्जनों नागरिकों से उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं। हर शिकायत पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। लोगों का कहना है कि इस तरह की सक्रियता और संवेदनशीलता पहले बहुत कम देखने को मिलती थी। डीसीपी धवल जायसवाल का नाम अपराधियों के लिए अब खौफ का पर्याय बन गया है। उनकी निगरानी में पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। हाल के दिनों में लूट, चोरी और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई अपराधियों को जेल भेजा गया है।

पुलिस की कार्यवाही से अपराधियों में कानून का डर और आम लोगों में सुरक्षा की भावना दोनों बढ़ी हैं। उनकी कार्यशैली यही संदेश दे रही है कि अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जन सुनवाई के दौरान डीसीपी न सिर्फ शिकायत सुनते हैं बल्कि लोगों को भरोसा भी दिलाते हैं कि उनकी समस्या का समाधान जल्द और निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा। उनका मानना है कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा तो अपराधों की रोकथाम अपने आप आसान हो जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गाजियाबाद पुलिस की प्राथमिकता है कि हर पीडि़त की आवाज सुनी जाए और हर शिकायत का समय पर समाधान हो।

अपराधियों के लिए कानून सख्त है, लेकिन आम जनता के लिए पुलिस हमेशा संवेदनशील और सहयोगी बनी रहेगी। धवल जायसवाल की कार्यशैली में सबसे अहम पहलू है पारदर्शिता और जवाबदेही। वे हर अधिकारी को यह संदेश दे चुके हैं कि किसी भी शिकायत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका यह सख्त रवैया अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी अपने काम में अधिक गंभीर और जिम्मेदार बना रहा है।

अपराध नियंत्रण और जन सेवा का संतुलन
डीसीपी की कार्यशैली को देखकर साफ है कि वे अपराधियों पर कार्रवाई और जनता की सेवा—दोनों को समान महत्व देते हैं। एक ओर जहां गाजियाबाद में अपराध ग्राफ नीचे आ रहा है, वहीं दूसरी ओर जनता को यह भरोसा भी मिल रहा है कि पुलिस उनके साथ खड़ी है। इसी कारण धवल जायसवाल की कार्यप्रणाली को लोग “सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलित मॉडल” बता रहे हैं।

जनता के बीच बढ़ रही लोकप्रियता
शिकायत लेकर पहुंचे कई लोगों ने कहा कि डीसीपी साहब खुद बैठकर हर एक व्यक्ति की बात ध्यान से सुनते हैं। उनकी सरलता और व्यवहारिकता से जनता को यह महसूस हो रहा है कि पुलिस सिर्फ कानून का पहरेदार ही नहीं, बल्कि जनता का सच्चा सहयोगी भी है।