सनसिटी टाउनशिप 2420 एकड़ पर विकसित, हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत विकास को मिलेगी गति

-उच्च स्तरीय समिति ने संशोधित डीपीआर को दी मंजूरी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राष्ट्रीय उच्च मार्ग एनएच-9 के समीप सनसिटी टाउनशिप अब 2420.11 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगी। यह टाउनशिप हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत आएगी और इसे विकसित करने के लिए मैसर्स सन सिटी हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को उच्च स्तरीय समिति ने मंजूरी दी है। हाल ही में लखनऊ में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस संशोधित डीपीआर पर विचार किया गया। जीडीए अधिकारियों के अनुसार, टाउनशिप के विकास में शामिल गाँवों में डासना, बयाना, नायफल, सादिकपुर काजीपुरा, सादतनगर इकला और रघुनाथपुर की भूमि शामिल होगी। डीपीआर को उच्च स्तरीय समिति की मंजूरी से पहले जीडीए ने आम जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे थे। इस प्रक्रिया के तहत कुल 211 आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें सुना गया और निस्तारित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में जिन लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई, उन्हें बुलाकर उनकी बातों का ध्यान रखा गया। समिति ने संशोधित डीपीआर के सभी पहलुओं पर मंथन किया और सोमवार को भी बैठक आयोजित कर इस पर चर्चा की गई।

अब इसे जीडीए बोर्ड की आगामी बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद ही यह प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा जाएगा, जिससे टाउनशिप का विकास कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। अधिकारी बताते हैं कि सनसिटी टाउनशिप के लिए मंजूरी मिलने के बाद भूमि का अधिग्रहण, सड़कों का निर्माण, पानी और विद्युत व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं का कार्य तेजी से किया जाएगा। टाउनशिप में आवासीय, वाणिज्यिक और सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की योजना बनाई जाएगी। उच्च स्तरीय समिति के सदस्य इस परियोजना को शहर के विकसित और व्यवस्थित विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। इसके माध्यम से गाजियाबाद के शहरी क्षेत्र में नए रोजगार, आवासीय योजनाएं और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत विकसित की जाने वाली इस टाउनशिप में स्मार्ट सिटी सुविधाओं, सुरक्षित सड़क नेटवर्क, हरित क्षेत्र, स्कूल, अस्पताल और कमर्शियल हब का समावेश किया जाएगा। इससे न केवल निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा, बल्कि टाउनशिप के निवासियों को आधुनिक जीवन की सुविधा भी मिलेगी। जीडीए अधिकारी बताते हैं कि इस टाउनशिप का क्षेत्रफल और डीपीआर अब पूरी तरह सुनिश्चित हो गया है। नियम और दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।

जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि डीपीआर को बोर्ड की मंजूरी और शासन स्तर से अनुमति मिलने के बाद ही जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम हरसंभव प्रयास करेंगे कि विकास कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे हों। टाउनशिप के विकास से गाजियाबाद की शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश आकर्षण में वृद्धि होगी। जीडीए अधिकारियों ने यह भी बताया कि टाउनशिप के विकास में सड़क निर्माण, विद्युत और पानी की व्यवस्था, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह टाउनशिप न केवल निवेशकों के लिए आकर्षक होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और सुविधाएं भी प्रदान करेगी।