स्वच्छ ग्रेनो का सुपर प्लान, हर कोने में पहुंचेगी सफाई फोर्स…गंदगी फैलाने पर लगेगा 50 हजार रुपये तक का जुर्माना

• प्राधिकरण ने उतारीं 10 क्विक रेस्पॉन्स टीमें, अब नहीं बचेगी कोई गंदगी
• जहां सफाई नहीं, वहां पहुंचेगी क्यूआरटी – करेगी सफाई, जुर्माना भी लगाएगी
• प्रत्येक टीम के पास होगी कूड़ा गाड़ी और जेसीबी मशीन, तैनात कर्मियों को मिलेगी पहचान वाली जैकेट
• जीपीएस और कंट्रोल रूम से होगी रियल टाइम निगरानी, निगरानी समिति भी गठित
• सीईओ एन.जी. रवि कुमार की अगुवाई में ग्रेटर नोएडा सफाई में बनेगा रोल मॉडल

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण ने बड़ी पहल की है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने 10 क्विक रेस्पोंस टीम (क्यूआरटी) गठित कर दिया है। इन टीमने मंगलवार से काम भी शुरू कर दिया है। क्यूआरटी उन जगहों पर काम करेगी, जहां पर वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत सफाई नहीं हो पा रही। इमरजेंसी में किसी जगह सफाई की आवश्यकता पड़ने पर भी क्यूआरटी तैनात की जाएंगी। इन पर निगरानी के लिए चार सदस्यीय समिति भी गठित कर दी गई है। क्यूआरटी में वाहनों पर लगे जीपीएस के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग भी होगी, जिसके लिए जल्द ही कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। गंदगी फैलाने वालों पर क्यूआरटी की टीम जुर्माना भी लगाएगी। दरअसल, ग्रेटर नोएडा को साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए प्राधिकरण की तरफ से कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी तरह के वेस्ट को प्रोसेस करने के लिए सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल पर प्लांट बन रहे हैं। ग्रेनोवासियों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। कूड़े को प्रोसेस न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों पर भी कार्रवाई की जा रही है। अब प्राधिकरण ने एक और कदम जरूरी उठाया है।

सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल पर प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत क्यूआरटी का गठन किया गया है। महाप्रबंधक आरके भारती ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फिलहाल 10 क्विक रेस्पोंस टीमें बनाई गई हैं। यह प्रयोग सफल रहा तो जरूरत के अनुसार इनकी संख्या और बढ़ा दी जाएंगी। एक क्यूआरटी टीम को एक कूड़ा गाड़ी, दो कूड़ा गाडियों पर एक जेसीबी मशीन साथ रहेगी। सूचना के आधार पर जहां पर भी अधिक कूड़ा होगा वहां एक कूड़ा मशीन के साथ जेसीबी मशीन भेजी जाएगी। एक क्यूआरटी पर तैनात पांचों सफाई कर्मचारियों को विशेष प्रकार की जैकेट दी गई है। जैकेट पर उसी क्यूआरटी का नंबर लिखा होगा, ताकि सफाई कर्मचारी की तैनाती में असंमजस न हो। कूड़ा गाड़ी पर भी उसकी संबंधित क्यूआरटी टीम का नंबर लिखा होगा, ताकि एक सफाई कर्मचारी सिर्फ उसी क्यूआरटी पर डयूटी करेगा, जिसमें उसको तैनात किया गया है।

जैकेट पर लिखे नंबर के जरिए सफाई कर्मचारी की क्यूआरटी के बारे में आसानी से पता चल सकेगा। क्यूआरटी टीमें सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक क्षेत्र में सक्रिय रहेंगी। ये टीमें वहां पर कार्य करेंगी जो एरिया किसी कारणवश वर्तमान व्यवस्था में शामिल नहीं हो सके हैं। आरके भारती ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने भी कुछ एरिया चिंहित कर रखा है, जहां पर सफाई के लिए क्यूआरटी को लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त अगर कहीं पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को गंदगी की शिकायत मिलती है तो क्यूआरटी कंट्रोल कमेटी इनको वहां भेजेगी। क्यूआरटी टीम मौके पर पहुंचकर कूड़ा का निस्तारण करेगी और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना भी लगाएगी। सॉलिड वेस्ट रूल्स, सी एंड डी व अन्य तरह के वेस्ट के लिए बने नियमों का अनुपालन न करने वालों पर कार्रवाई भी करेगी।

क्यूआरटी कंट्रोल कमेटी के अध्यक्ष जीएम आर के भारती होंगे। वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार गौतम, मैनेजर बिजेन्द्र कुशवाहा और सहायक प्रबंधक मनोज कुमार चौधरी इस समिति के सदस्य होंगे। इस कमेटी के आदेश पर ही क्यूआरटी को भेजा जाएगा। जिस क्षेत्र में क्यूआरटी टीमें कूड़ा निस्तारण के लिए जाएंगी, वहां उस एरिया का सेनेट्री इंस्पेक्टर भी मौजूद होगा। शहर में सक्रिय क्यूआरटी टीमों की निगरानी के लिए जल्द ही क्यूआरटी कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। वाहनों में लगे जीपीएस के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग में मदद मिलेगी। कंट्रोल रूम में तैनात विशेषज्ञ टीम क्यूआरटी में शामिल कूड़ा गाड़ी में लगे जीपीएस की मदद से इनकी करंट व लाइव लोकेशन के बारे में पता लगाएगी। बता दें, कि शहर की साफ सफाई की पूर्ववर्ती व्यवस्था भी लागू रहेगी। क्यूआरटी व्यवस्था इसके समानान्तर चलेगी। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के गेट से इनकी रवानगी की गई।

गंदगी फैलाने पर 50 हजार का जुर्माना
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एरिया में ट्रैक्टर- ट्रॉली या किसी अन्य प्रकार के वाहन से इधर-उधर कूड़ा फेंकने वालों पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

”ग्रेटर नोएडा की सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए क्यूआरटी की 10 टीमें बनाईं गइंर् हैं। यह प्रयोग सफल रहा तो टीमें बढ़ाई जा सकती हैं। उम्मीद है कि इससे सफाई व्यवस्था और बेहतर करने में मदद मिलेगी। सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों से कूड़े का उचित प्रबंधन करने, निवासियों से इधर-उधर कूड़ा न फेंकने और ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ शहर बनाने में सहयोग की अपेक्षा है। इधर-उधर गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।”
श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण