“जनसुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी’- जीडीए ने 67 अवैध कोचिंग, प्ले-स्कूल और फिटनेस सेंटर किए सील

-फायर सुरक्षा और भवन नियमों की अनदेखी पर जीडीए का शिकंजा, सभी आठ जोन में चला सघन सीलिंग अभियान
-लखनऊ अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में सख्ती, बिना मानचित्र स्वीकृति और एनओसी वाले संस्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
-आरडीसी में अवैध पार्किंग वसूली का भी भंडाफोड़, जीडीए टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस को सौंपा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में भी जनसुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत भवनों का उपयोग और बिना वैधानिक अनुमति संचालित संस्थानों के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने लगातार दूसरे दिन भी व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की। बुधवार को जीडीए की विभिन्न प्रवर्तन टीमों ने शहर के सभी आठ जोनों में अभियान चलाकर 67 अवैध प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। इनमें प्ले-स्कूल, कोचिंग सेंटर, प्रशिक्षण संस्थान, लाइब्रेरी, फिटनेस सेंटर तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान से शहरभर में अवैध रूप से संचालित संस्थानों के संचालकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई प्रतिष्ठानों के संचालकों ने अपने संस्थान बंद कर दिए, जबकि कई स्थानों पर टीमों को ताले लटके मिले। इसके बावजूद जीडीए की टीमों ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई पूरी की।

जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्र ने बताया कि हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्निकांड की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। अभियान के दौरान ऐसे सभी संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जहां स्वीकृत मानचित्र के विपरीत गतिविधियां संचालित हो रही थीं अथवा भवन उपविधियों और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण में कई प्रतिष्ठानों पर फायर सुरक्षा उपकरणों का अभाव, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) न होना तथा भवनों का व्यावसायिक उपयोग नियमों के विपरीत पाया गया।
जीडीए अधिकारियों के अनुसार प्रवर्तन अभियान के तहत जोन-1 में 10, जोन-2 में 10, जोन-3 में 6, जोन-4 में 15, जोन-5 में 5, जोन-6 में 11 तथा जोन-7 में 10 प्रतिष्ठानों को सील किया गया। इनमें राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी, साहिबाबाद, राजेंद्र नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्ले-स्कूल, कोचिंग सेंटर, प्रशिक्षण संस्थान और फिटनेस सेंटर शामिल हैं। जीडीए का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी भवन का उपयोग केवल स्वीकृत मानचित्र, निर्धारित भूमि उपयोग और लागू भवन उपविधियों के अनुरूप ही किया जा सकता है। इसके साथ ही फायर सुरक्षा मानकों का पालन और आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना प्रत्येक संस्थान के लिए अनिवार्य है। यदि कोई प्रतिष्ठान इन नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके विरुद्ध सीलिंग के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी पूरे शहर में सघन निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों और नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी विद्यालय, कोचिंग सेंटर या अन्य संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक एनओसी की जांच अवश्य कर लें।

सार्वजनिक पार्किंग में अवैध वसूली का भंडाफोड़
इसी अभियान के दौरान जीडीए ने राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) स्थित सार्वजनिक पार्किंग में अवैध वसूली का भी भंडाफोड़ किया। प्रवर्तन जोन-3 के प्रभारी एवं ओएसडी राजीव रतन सिंह के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता योगेश पटेल और सहायक अभियंता अनुज कुमार की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि जीडीए की मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना के लिए आरक्षित सार्वजनिक स्थल पर एक व्यक्ति वाहन चालकों से अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूल रहा था। जांच में उसकी पहचान बिलाल के रूप में हुई। जीडीए टीम ने उसे मौके पर ही पकड़कर कविनगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उक्त स्थल पर किसी भी व्यक्ति को पार्किंग शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं दी गई थी और इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी आगे सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।