तरुण मिश्र की मुहिम बनी ब्राह्मण समाज की आवाज, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिए कार्यवाही के संकेत

-विप्र समाज की उपेक्षा अब नहीं सहेंगे, जनसेवक तरुण मिश्र ने राज्य सरकार को दिखाई सच्चाई की तस्वीर
-ब्राह्मण समाज के अधिकारों के लिए यह कोई अभियान नहीं, एक संघर्ष है, जनसेवक तरुण मिश्र ने मुख्यमंत्री से की दो-टूक मांग

उदय भूमि संवाददाता
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में वर्षों से अस्तित्व में आए ब्राह्मण कल्याण बोर्ड को अब वास्तविक सक्रियता मिलने की उम्मीद जगी है। जनसेवक तरुण मिश्र के अथक प्रयास और मुखर आवाज के चलते इस मुद्दे पर राज्य सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात के दौरान तरुण मिश्र ने ब्राह्मण समाज की दशा और उनके अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ब्राह्मण समाज को अब प्रतीक्षा नहीं, अधिकार चाहिए।
मुलाकात के दौरान तरुण मिश्र ने मुख्यमंत्री के समक्ष ब्राह्मणों के कल्याण, सरकारी योजनाओं में समुचित भागीदारी, सुरक्षा और शिक्षा में समान अवसर जैसे मुद्दे मजबूती से उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने विप्र कल्याण बोर्ड का गठन तो कर दिया था, लेकिन यह केवल कागजों तक सीमित रहा। आज भी ब्राह्मण समाज सरकार की योजनाओं का लाभ लेने में बहुत पीछे है, जबकि समाज की संख्या और योगदान दोनों ही व्यापक हैं। तरुण मिश्र ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि वर्तमान समय में ब्राह्मण समाज पर चारों ओर से सामाजिक और मानसिक आक्रमण हो रहे हैं। उन्होंने कहा ब्राह्मण समाज हमेशा से सर्व समाज को दिशा देने वाला रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश अब वह सबसे अधिक उपेक्षित है। यह केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और हक की लड़ाई है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तरुण मिश्र की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि विप्र कल्याण बोर्ड पर शीघ्र ही ठोस कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि ब्राह्मण समाज को उनका वास्तविक हक मिल सके और कल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर सकें। जनसेवक तरुण मिश्र पिछले कई वर्षों से देश और विदेश में ब्राह्मण समाज की आवाज बनकर अपनी मुहिम चला रहे हैं। चाहे वह दिल्ली की राजनीतिक गलियों में हो या गांवों की गलियों में, वह हर मंच से ब्राह्मणों की चिंता और उनके अधिकारों की बात करते नजर आते हैं। उनकी इस लड़ाई को समाज में एक नई चेतना और सशक्तिकरण की मुहिम के रूप में देखा जा रहा है। ब्राह्मण समाज के लोगों ने भी तरुण मिश्र की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि अब सरकार के स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे और ब्राह्मण समाज को उसका वास्तविक सम्मान, अधिकार और संरक्षण मिलेगा।