सेवा सुरक्षा की बहाली को लेकर राजधानी में गूंज उठी शिक्षकों की आवाज, इको पार्क में जुटे हजारों शिक्षक

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने सोमवार को राजधानी लखनऊ के इको पार्क में जोरदार प्रदर्शन कर सरकार से सेवा सुरक्षा की बहाली की पुरजोर मांग की। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के बैनर तले आयोजित इस धरने में प्रदेश भर से हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। धरने की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा ने की, जबकि संचालन प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने किया। शिक्षकों की मुख्य मांग उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की धारा 12, 18 एवं 21 की पुनर्बहाली रही, जिन्हें नवीन अधिनियम 2023 द्वारा समाप्त कर दिया गया है।

धरने में वक्ताओं ने कहा कि इन धाराओं के समाप्त होने से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा संकट में है। प्रदेश में निलंबन और बर्खास्तगी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे शिक्षक भय और असुरक्षा के वातावरण में कार्य करने को मजबूर हैं। प्रदेश प्रवक्ता श्रवण कुमार कुशवाहा और संरक्षक डॉ. हरिप्रकाश यादव ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

धरने में शामिल शिक्षकों और नेताओं ने कहा कि अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों का पूर्ण राजकीयकरण ही सेवा सुरक्षा और शिक्षकों की अन्य समस्याओं का स्थायी समाधान है। प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र वर्मा, मंत्री संदीप शुक्ल, दीपक सिंह पुंडीर और प्रमोद कुमार पाठक ने इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। यह धरना न केवल शिक्षकों की एकता और संगठित शक्ति का प्रतीक बना, बल्कि सरकार तक यह स्पष्ट संदेश भी पहुंचाया कि यदि सेवा सुरक्षा बहाल नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज होगा। धरने में शामिल अन्य प्रमुख वक्ताओं में विजेंद्र वर्मा, प्रमोद कुमार, ध्रुव नारायण चौधरी, तीर्थराज पटेल, मो. जावेद, आशुतोष विक्रम, कृष्णदत्त त्रिपाठी और अटेवा के प्रदेश संगठन मंत्री भूरी सिंह शामिल रहे।