– नई दर और छूट लागू करने के बाद कई कॉलोनियों में टैक्स हुआ है कम, अधिकांश जगहों पर हुई है मामूली बढ़ोत्तरी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विकास कार्यों को गति देने और शासन से विभिन्न योजनाओं के लिए फंड हासिल करने के लिए नगर निगम के समक्ष राजस्व वसूली में कम से कम 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी की चुनौती है। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक शहरवासियों के हित में अधिकतम 92 प्रतिशत तक छूट देने की योजना को अमलीजामा पहना दिया है। हाउस टैक्स को लेकर बनी नई नीति से गाजियाबाद नगर निगम का राजस्व भी बढ़ेगा और शहरवासियों पर कोई अनावश्यक बोझ भी नहीं बढ़ेगा। शासन द्वारा गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पूर्व निर्धारित हाउस टैक्स बढ़ोत्तरी के फैसले को संशोधित करते हुए टैक्स की दर को कम कर दिया गया है। इसके बावजूद टैक्स बढ़ोत्तरी को लेकर लोगों के बीच झूठा भ्रमजाल फैलाया जा रहा है। लोगों की शंकाओं का समाधान करने और उन्हें संतुष्ट करने के लिए नगर आयुक्त स्वयं मैदान में उतर गये हैं। टैक्स विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को नये तरीके से टैक्स गणना को लेकर ट्रेनिंग देने के साथ ही पार्षदों को भी छूट और नई दर को लेकर संतुष्ट किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित कार्यकारिणी कक्ष में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने एक प्रजेंटेशन के माध्यम से तथ्यों को स्पष्ट किया। झूठी बातों को और बेवजह के भ्रम को दूर करते हुए नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी प्रकार का छूट का लाभ भी नहीं लेता है, तो इस परिस्थिति में भी उसके हाउस टैक्स में 21 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी नहीं होगी। नगरायुक्त ने पत्रकारों और पार्षदों की मौजूदगी में कई उदाहरण देकर इस तथ्य को साबित किया। विदित हो कि पहले टैक्स कारपेट एरिया के हिसाब से लगता था। अब कवर्ड एरिया के हिसाब से लग रहा है। इस लिहाज से भी अब कम वर्गफुट पर कर लगने से भवन स्वामी को 20 प्रतिशत तक का लाभ मिल रहा है। 10 साल, 20 साल और उससे अधिक पुराने वाले भवनों पर स्थाई छूट अलग-अलग है। इसके अलावा कूड़ा सेग्रीगेशन एट सोर्स पर 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर 2 फीसद की छूट है। इतना ही नहीं अगले तीन महीने में टैक्स जमा कराने पर पर पूर्व में मिल रहा 20 प्रतिशत की छूट भी लोगों को मिलती रहेगी। नगर आयुक्त द्वारा दिये गये प्रजेंटेशन के दौरान अपर नगर आयुक्त जगबहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद कुमार, मुख्य कर अधिकारी सुनील राय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज सिंह, संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, लेखाधिकारी अनुराग सिंह, एमएनएलपी विवेक सिंह, पार्षद मनोज त्यागी, गौरव सोलंकी, नीरज गोयल, पूनम सिंह, देवनारायण शर्मा, राहुल शर्मा, राजकुमार नागर, पप्पू नागर, हिमांशु शर्मा आदि मौजूद रहे।
कुछ लोगों द्वारा कामर्शियल टैक्स में बढ़ोत्तरी को लेकर जो बात कही जा रही है। उसको भी तथ्यों के माध्यम से गलत साबित किया गया है। दरअसल उन लोगों के टैक्स बढ़े हैं जो पहले टैक्स नहीं दे रहे थे या फिर कवर्ड एरिया को कम करके दिखाकर कम टैक्स जमा कर रहे थे। उदाहरण के लिए किसी के मकान का पहले सिर्फ ग्राउंड फ्लोर बना हुआ था बाद में उसने तीन मंजिल बना ली। लेकिन टैक्स सिर्फ ग्राउंड फ्लोर का दे रहा था। अब ऐसे मकानों पर कवर्ड एरिया के हिसाब से तीन मंजिल का टैक्स लग रहा है। इसलिए लोगों को लग रहा है कि उनका टैक्स बढ़ गया है। जबकि वास्तविकता यही है कि हाउस टैक्स की दरों में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है।
भ्रम को दूर करने के लिए कमेटी गठित
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि शासन से नई दरें लागू होने के बाद आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर लगने वाले कर को लेकर भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार की अध्यक्षता में टीम बनाई गई है। साथ ही हेल्प डेस्क भी बनाई जााएगी। निगम मुख्यालय के अलावा जोनल कार्यालय में भी कर्मचारियों को लोगों तक अधिक छूट का लाभ पहुंचाने के लिए ट्रेंड किया जाएगा।