तिरंगा, तराना और तरंग सिल्वर लाइन में गूंजी आजादी की हुंकार

• सिल्वरलाइनर्स में आजादी का अमृत महोत्सव अभियान का भव्य शुभारम्भ
• रंगोली, राखी वर्कशॉप और तिरंगा रैली से गूंजा देशभक्ति का संदेश, स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में शुक्रवार सुबह देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। स्कूल परिसर में बच्चों की गूंजती आवाजें, तिरंगे की लहराती आभा और देशभक्ति गीतों की मधुर धुनों ने वातावरण को ऐसा बना दिया मानो स्वतंत्रता दिवस का पर्व समय से पहले ही आ गया हो। जिला अधिकारी एवं इंडिपेंडेंट स्कूल्स फेडरेशन के आह्वान पर यहां आज़ादी का अमृत महोत्सव अभियान का शुभारम्भ हुआ, जिसमें रंगोली प्रतियोगिता, राखी बनाने की कार्यशाला और जागरूकता रैली जैसे कार्यक्रमों ने देशप्रेम का माहौल और भी जीवंत कर दिया। सुबह से ही बच्चों के हाथों में रंग और सृजन की लहर थी। रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने भारत माता, तिरंगा, अशोक चक्र और स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीकों को जीवंत कर दिया।

हर डिजाइन में एक संदेश था-एकता, स्वतंत्रता और गर्व का। वहीं, राखी बनाने की कार्यशाला में बच्चों ने देशभक्ति से प्रेरित राखियां तैयार कीं कुछ तिरंगे रंगों से सजी तो कुछ में शहीदों की याद को उकेरा गया। इन राखियों में न सिर्फ रक्षा का वचन था, बल्कि देश की रक्षा का भी संकल्प झलक रहा था। कार्यक्रम का सबसे ऊर्जावान हिस्सा रही जागरूकता रैली हर घर तिरंगा स्कूल कैंपस से देश के जन-जन तक, हमारे दिल की धड़कन हमारे स्वतंत्रता नायक। तिरंगे की छटा में सजे छात्र-छात्राएं पूरे जोश से वंदे मातरम, भारत माता की जय के नारे लगाते हुए निकले। रैली में शामिल बच्चों की आंखों में गर्व और चेहरे पर अटूट विश्वास था कि वे स्वतंत्रता की मशाल को आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाएंगे। स्कूल के चेयरमैन डॉ. सुभाष जैन ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह हम सबके दिल की धड़कन है।

हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को याद रखना होगा और बच्चों के दिल में देशप्रेम की लौ बचपन से ही जलानी होगी। यही बच्चे कल के राष्ट्रनिर्माता बनेंगे। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें राष्ट्रीय एकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम बताया। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्या, प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षकगण और पूरा स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम का संचालन ऐसे हुआ कि हर छात्र, चाहे वह प्रतिभागी हो या दर्शक, खुद को इस उत्सव का हिस्सा महसूस कर रहा था। अंत में सभी ने मिलकर संकल्प लिया कि स्वतंत्रता की रक्षा, एकता और अखंडता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।