गाजियाबाद के नूरनगर में घर का सपना हुआ साकार, ईंट-पत्थर से आगे… अब बसेगा सुकून का घर

-पीएम आवास योजना के 31 भवनों का लॉटरी ड्रा से आवंटन, गूंजे तालियां, चेहरे खिले

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नूरनगर में बने ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) भवनों के आवंटन का बुधवार का दिन सैकड़ों लोगों के लिए जीवन का सबसे यादगार पल बन गया। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित लॉटरी ड्रा कार्यक्रम में जैसे ही नाम पुकारा गया, पूरे हॉल में तालियों की गडग़ड़ाहट गूंज उठी और आवंटियों के चेहरे खुशी से दमक उठे। लंबे समय से घर पाने की उम्मीद लगाए ये परिवार अब अपने सपनों का आशियाना बसाने को तैयार हैं। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में एडीएम सिटी विकास कश्यप, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी कनिका कौशिक, वित्त नियंत्रक अशोक कुमार वाजपेयी और डूडा परियोजना अधिकारी संजय पथेरिया मौजूद रहे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लॉटरी प्रक्रिया खुली बैठक में, आवेदकों की मौजूदगी में संपन्न हुई।

अधिकारियों ने मंच से ही हर चरण की जानकारी दी, जिससे किसी भी तरह की शंका की गुंजाइश न रहे। लॉटरी ड्रा योजना संख्या-920-41डी के अंतर्गत निजी बिल्डर मैसर्स अजनारा इंडिया लिमिटेड द्वारा ग्राम नूरनगर, खसरा संख्या-1239, 1249, 1250, 1266, 1267 में तैयार किए गए अवशेष 31 ईडब्ल्यूएस भवनों के लिए किया गया। पात्र आवेदकों का चयन पूर्व परीक्षण के बाद हुआ और बुधवार को सभी 31 भवनों का आवंटन सफलतापूर्वक पूरा हुआ। मौके पर माहौल भावुक था किसी ने आंखों में आंसू लिए अधिकारियों को धन्यवाद कहा तो कोई मोबाइल पर घर वालों को खुशखबरी सुनाता दिखा। बच्चों की खिलखिलाहट और महिलाओं के चेहरों पर सुकून, इस योजना की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बनकर सामने आया।

अधिकारियों ने बताया कि बहुत जल्द सभी आवंटियों को भवनों का कब्जा सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एडीएम सिटी विकास कश्यप ने कहा कि पीएम आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान है। यह सिर्फ मकान नहीं, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता और सम्मान लाने का माध्यम है। वहीं, जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास है कि आवंटियों को बिना किसी देरी के घर का स्वामित्व मिले और वे नये जीवन की शुरुआत कर सकें। इस आयोजन ने साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना न केवल ईंट-पत्थर का निर्माण है, बल्कि यह उन अनगिनत सपनों का घर है जो वर्षों से आसमान में मंडरा रहे थे और अब जमीन पर आकार ले चुके हैं।