आईटीएमएस से बदलेगी गाजियाबाद की ट्रैफिक तस्वीर, जाम और हादसों से मिलेगी राहत

-ट्रैफिक व्यवस्था का ‘डिजिटल क्रांति’ से होगा कायाकल्प
-15 अक्टूबर से लागू होगा हाईटेक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद के इतिहास में ट्रैफिक प्रबंधन की तस्वीर बदलने वाला वह दिन अब दूर नहीं, जब शहर की सड़कों से जाम और ओवर स्पीड का आतंक खत्म हो जाएगा। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अंतर्गत 54 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) 15 अक्टूबर से पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस हाईटेक परियोजना से यातायात नियम तोडऩे वालों की अब खैर नहीं होगी, वहीं आम जनता को सुगम, सुरक्षित और अनुशासित सफर का तोहफा मिलेगा। बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून व्यवस्था) आलोक प्रियदर्शी ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, एडीसीपी क्राइम पीयूष कुमार सिंह, एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद, निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी और एफकौन इंडिया कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव भारद्वाज के साथ मिलकर परियोजना की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया।

बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि इस अत्याधुनिक सिस्टम के लागू होने के बाद गाजियाबाद का ट्रैफिक प्रबंधन दिल्ली-एनसीआर के किसी भी बड़े शहर से कमतर नहीं रहेगा। बैठक के बाद सभी अधिकारियों ने आईटीएमएस बिल्डिंग का निरीक्षण किया और संतोष जताया कि परियोजना की गति और गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक है। नगर आयुक्त ने कहा कि गाजियाबाद में आईटीएमएस लागू होने के बाद यातायात व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार होगा और यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी मिसाल बनेगा। आईटीएमएस के लागू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की पूरी संभावना है। यातायात नियमों का पालन कराने के साथ-साथ नगर निगम और पुलिस विभाग मिलकर जन-जागरूकता अभियान भी चलाएंगे, ताकि नागरिक स्वयं नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को यातायात सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया जाएगा।

850 से अधिक कैमरे, 24 घंटे निगरानी
आईटीएमएस के तहत शहरभर में 850 से अधिक हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, ओवर स्पीड, गलत दिशा में वाहन चलाना और रेड लाइट जंप जैसे उल्लंघनों को स्वत: रिकॉर्ड करेंगे। इन कैमरों को अत्याधुनिक कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जिसका निर्माण लगभग पूर्णता के चरण में है। यहां पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मिलकर 24 घंटे निगरानी करेंगे और नियम तोडऩे वालों पर त्वरित कार्रवाई करेंगे।

ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल और स्मार्ट मॉनिटरिंग
इस परियोजना के अंतर्गत ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम को भी पूरी तरह अपग्रेड किया गया है। अब रेड और ग्रीन लाइट का समय ट्रैफिक के प्रवाह के अनुसार स्वत: बदल जाएगा। इसके लिए सिग्नल्स को कैमरों और सेंसर्स से जोड़ा गया है। इससे जाम की समस्या में बड़ी कमी आएगी और ईंधन की बचत होगी।

ई-रिक्शा के लिए कलर कोडिंग की तैयारी
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बैठक में विशेष सुझाव दिया कि ई-रिक्शा के लिए जोनवार कलर कोडिंग की जाए। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था नियंत्रित होगी बल्कि यात्रियों को भी सही रूट और किराए में पारदर्शिता मिलेगी। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में सार्वजनिक परिवहन के लिए स्पष्ट व्यवस्था अनिवार्य है।

आलोक प्रियदर्शी, एडीशनल पुलिस कमिश्नर

गाजियाबाद में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तेजी से लागू किया जा रहा है। 15 अक्टूबर तक इसका कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद शहर में जाम की समस्या और ओवरस्पीड वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण होगा। उन्होंने बताया कि जिन एंट्री प्वाइंट पर ट्रैफिक दबाव अधिक है, वहां अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। इस सिस्टम से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और लोग यातायात नियमों के प्रति अधिक जागरूक होंगे। ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए उन्होंने जोनवार कलर कोडिंग का सुझाव भी दिया, जिससे ट्रैफिक नियंत्रण में बड़ी मदद मिलेगी।
आलोक प्रियदर्शी
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था

विक्रमादित्य सिंह मलिक
म्युनिसिपल कमिश्नर, गाजियाबाद

राज्य स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से आईटीएमएस परियोजना को अमल में लाया जा रहा है। इसके तहत 850 से अधिक हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग और ओवरस्पीड जैसे उल्लंघनों की तुरंत पहचान करेंगे। इनकी निगरानी के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम तैयार हो चुका है, जहां पुलिस और नगर निगम के अधिकारी संयुक्त रूप से मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहरवासियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे गाजियाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त