‘नशा मुक्त गौतमबुद्ध नगर मिशन’ को मिली नई धार: नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश

-अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार की अध्यक्षता में अवैध नशे के खिलाफ व्यापक रणनीति तैयार
-जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने प्रवर्तन कार्रवाई और संयुक्त अभियानों का दिया ब्यौरा
-युवाओं पर विशेष फोकस, विद्यालयों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी, ड्रंक एवं ड्राइव तथा अन्य नशीली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से शनिवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने अवैध नशे के विरुद्ध अब तक किए गए अभियानों, प्रवर्तन कार्रवाइयों तथा वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आबकारी विभाग नियमित निरीक्षण, चेकिंग और प्रवर्तन कार्रवाई के साथ पुलिस विभाग के सहयोग से संयुक्त अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि फरवरी माह में विभाग ने अवैध नशे, ड्रंक एवं ड्राइव से संबंधित अभियानों में विशेष सफलता प्राप्त की है और समस्त आंकड़े यथाशीघ्र अपडेट किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बड़ी खेप को जब्त किया गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। अपर जिलाधिकारी ने बैठक की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता और समन्वय के साथ काम किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की अवैध खरीद, बिक्री, भंडारण और तस्करी के किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। समीक्षा के दौरान अपर जिलाधिकारी ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी एवं आकर्षक बनाने के लिए नए और सशक्त स्लोगन के साथ जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर वाद-विवाद, चित्रकला, स्लोगन लेखन और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन कर नशा मुक्ति का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा।

उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यालयों के आसपास गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक (क्राइम) सेंट्रल जोन, ग्रेटर नोएडा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, प्रभारी/जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जनपद के आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, अभिनव शाही, सचिन त्रिपाठी, डॉ शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, संजय चन्द्र और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा,  ‘हमारा उद्देश्य न केवल अवैध नशे को रोकना है, बल्कि युवाओं और आमजन को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराना भी है। अभियान में विभागीय और पुलिस टीम के साथ लगातार समन्वय से नशा मुक्त समाज की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

हमारी प्राथमिकता है कि जनपद में किसी भी तरह की लापरवाही को जगह न मिले और अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि फरवरी माह में की गई समस्त प्रवर्तन कार्रवाई की संकलित रिपोर्ट जल्द अपर जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही अभियान को आगामी दिनों में और तेज किया जाएगा ताकि जनपद गौतमबुद्ध नगर नशा मुक्त बन सके और लोग सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण में रह सकें। इस बैठक के माध्यम से अपर जिलाधिकारी ने यह संदेश स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों से जुड़े सभी कार्यों में पूरी जवाबदेही और जवाबदेही के साथ काम करना प्रशासन की प्राथमिकता है।