आबकारी अधिकारी की सख्ती के चलते नवाबों के शहर की बदल रही सूरत

• शराब तस्करों पर कार्रवाई के साथ आबकारी विभाग के राजस्व बढोत्तरी के लिए तैयार की कार्ययोजना
• महुआ अवैध शराब के धंधे पर कार्रवाई का ऐसा असर की धंधा छोड़कर कर रहे खेती
• जिले में शराब तस्करों के खिलाफ आबकारी विभाग की फौज कर रही ताबड़तोड़ छापेमारी

उदय भूमि
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आबकारी विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से साफ जाहिर है कि पिछले 9 माह में शराब तस्करों पर कार्रवाई और कामकाज का तरीका पूरा बदलता नजर आ रहा है। शराब तस्करों के खिलाफ प्रभावी रणनीति और सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी के लिए दिन-रात की जा मेहनत का ही परिणाम है कि जिले में आबोहवा पूरी तरह से बदल गई है। इन सबके बीच में आमजन की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों से लोग अपने आपकों को सुरक्षित महसूस कर रहे है। जनपद के लोगों को अवैध शराब के सेवन से बचाने के लिए चलाई जा रही मुहिम से महुआ अवैध शराब का धंधा भी सिमटने लगा है। क्योंकि अवैध शराब के कारोबार में शामिल कुछ लोगों ने धंधा छोड़कर अपनी खेती पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। आबकारी विभाग की टीमें कार्रवाई के लिए अपने कदम पीछे हटाने वाली तो है नहीं, इसलिए अब आबकारी विभाग की कार्रवाई के चलते खुद ही तस्कर खेती की ओर आगे बढऩे लगे है। साथ ही देहात क्षेत्र के लोग भी आबकारी विभाग की कार्रवाई में कदम से कदम मिलाकर अपना सहयोग दे रहे है।

जनता को अब यह तय करना है कि उनके जिले की तस्वीर कितनी बदली है। जो काम पिछले कई वर्षो में नहीं हुआ वह काम सिर्फ 9 माह में देखने को मिला है। जिले में एक माह बाद क्रिसमस है और उसके बाद नववर्ष, दोनों ही त्योहार में होने वाली शराब की खपत पर अपनी नजर के लिए अभी से तैयारी तेज कर दी है। साथ ही दोनों त्योहारों में शराब तस्करों पर कार्रवाई के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने दोनों त्योहार पर सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी बढ़ाने के लिए अवैध शराब के धंधे पर कार्रवाई करने के लिए सभी इंस्पेक्टरों को सख्त निर्देश दिए है। शराब तस्करों पर जितनी कार्रवाई तेज होगी, उतना ही आबकारी विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी होनी निश्चित है। बिना कार्रवाई के राजस्व में बढ़ोतरी होना संभव नहीं है। आबकारी अधिकारी की दूरदर्शी सोच और सकारात्मक कार्रवाई के चलते ही शराब तस्कर जेल के अंदर सलाखें गिनने को मजबूर हो रहे है। इन सबके बीच में शराब तस्करों की निगरानी के लिए मुखबिर तंत्र के सहारे उनकी मनमानी पर रोक लगाई जा रही है। जिससे कि शराब विक्रेता दुकान पर आने वाले ग्राहकों से विनम्र व्यवहार कर अपने रवैये में सुधार कर सकें। जिस तरह विकास के मामले में लखनऊ आगे बढ़ रहा है, ठीक उसी तर्ज पर आबकारी विभाग की कार्रवाई के चलते शराब तस्करों पर लगातार कार्रवाई के मामले में पूरी तस्वीर बदल गई है।

जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ  प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीमें भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। आगामी दिनों में क्रिसमस और नववर्ष का त्योहार है। दोनों ही त्योहार में बढ़ती शराब की खपत को देखते हुए आबकारी विभाग की तैयारी अभी से शुरु हो गई है। जिसके लिए सभी बैंक्वेट हॉल, होटल, बार एवं रेस्टोरेंट संचालकों को लेटर जारी कर दिया गया है। जिसमें स्पष्ट रुप से सख्त निर्देश दिए गए है कि बिना लाइसेंस के शराब पार्टी का आयोजन मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। आबकारी विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इन सबके अलावा देहात क्षेत्र में होने वाले महुआ अवैध शराब के निर्माण को रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीमें लगाई हुई है। टीम के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय रहने के सख्त निर्देश दिए गए है।

टीम को सख्त निर्देश दिए हुए कि दिन में होने वाली कार्रवाई को लगातार जारी रखें साथ रात में भी अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। लगातार कार्रवाई होने से अवैध शराब के निर्माण पर रोक लगाया जा सकता है। रविवार को आबकारी निरीक्षक राहुल सिंह, रिचा सिंह, शिखर, विवेक सिंह, रजनीश प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, कृति प्रकाश पाण्डेय, अभिषेक सिंह, विजय राठी, सुभाष चन्द्र, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत की टीम द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में चेकिंग और शराब तस्करों के ठिकानों पर दबिश दी गई। बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी को रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही है। साथ ही शराब की दुकानों पर भी लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। तेलीबाग सब्जी मंडी देशी, तेलीबाग नंबर-1 विदेशी मदिरा एवं तेलीबाग सब्जी मंडी बीयर दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। साथ ही दुकानों पर लगातार गुप्त टेस्ट परचेजिंग भी कराई जा रही है।

शराब की दुकान के आस-पास एवं फास्ट फूड की दुकानों पर भी औचक छापेमारी कर अवैध रूप से मदिरापान न कराने के लिए चेतावनी दी गई।  पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर हरियाणा, पंजाब की तरफ से आने वाले संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की गई। साथ ही लखनऊ -सुल्तानपुर हाईवे किनारे देर रात तक खुली रहने वाली दुकानों पर औचक छापेमारी कर अवैध रूप से मदिरापान ना कराने के लिए कड़ाई से निर्देशित किया गया। दुकानों पर आवश्यक सभी सूचनाएं लिखने, ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से अधिक से अधिक बिक्री, पॉश मशीन से बिक्री करने के लिए और निर्धारित मूल्यों पर शराब की बिक्री करने सख्त निर्देश दिए गए। वहीं दुकान शराब खरीदने आने वाले ग्राहकों से भी उनके क्षेत्र में अवैध शराब से संबंधित कोई भी सूचना आबकारी विभाग का देने के लिए अपील की गई।

राकेश कुमार सिंह
जिला आबकारी अधिकारी

शराब विक्रेताओं पर निगरानी रखने के लिए ग्राहकों से भी विक्रेता के बारे में पूछताछ की जा रही है। जिससे शराब विक्रेताओं के हरेक कार्यो पर निगरानी रखी जा सकेंं। आबकारी विभाग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। शराब तस्करों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। जिसके परिणाम भी सकारात्मक आ रहे है। आगे भी शराब तस्करों पर कार्रवाई के लिए नई-नई रणनीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग के राजस्व को बढ़ाने के लिए विभिन्न स्रोतों पर काम किया जा रहा है। आबकारी विभाग अपनी दो नीतियों पर लगातार काम कर रहा है। पहला अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कर आमजन की सुरक्षा करना और दुसरा विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी करना है। दोनों ही मामलों में आबकारी विभाग की टीमें लगातार अपनी कार्रवाई को अंजाम दे रही है।

राकेश कुमार सिंह
जिला आबकारी अधिकारी
लखनऊ