-पार्षद कुसुम गोयल बोलीं- ‘कौशांबी शिव की नगरी है’, क्षेत्रवासियों ने भव्य दीपावली महोत्सव में एक-दूसरे को दी शुभकामनाएं
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दीपों का पर्व दीपावली इस बार कौशांबी में भक्ति, उल्लास और उमंग के माहौल के बीच धूमधाम से मनाया गया। जयपुरिया एंक्लेव सोसाइटी और कैलाश त्रिशूल टावर में रविवार को आयोजित भव्य दीपावली महोत्सव में दीपों की पंक्तियों से सजे प्रांगण, रंग-बिरंगी रोशनी और मधुर संगीत ने पूरे वातावरण को आलोकित कर दिया। हर तरफ खुशियों की गूंज थी और क्षेत्रवासी एक-दूसरे को गले लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दे रहे थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद कुसुम गोयल और पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दीपों की टिमटिमाती लौ ने जब रात के अंधेरे को रौशन किया, तो पूरा परिसर भक्ति और उल्लास के रंग में रंग गया। इस दौरान मंच पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने पारंपरिक नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दीपावली के संदेश को सजीव कर दिया।
पार्षद कुसुम गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि कौशांबी को शिव की नगरी कहा जा सकता है, क्योंकि यहां त्रिशूल, कैलाश, शिवालिक, नंदा, उदयगिरि और गंगा टावर जैसे भवन भगवान शिव की उपस्थिति का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि कौशांबी का नाम अब केवल आधुनिकता से नहीं, बल्कि संस्कृति और अध्यात्म से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल ने भी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि यह एक अवसर है जब हम अपने भीतर के अंधकार को मिटाकर नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि कौशांबी जैसे सांस्कृतिक रूप से सम्पन्न क्षेत्र में इस तरह के आयोजन समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं।
जयपुरिया एंक्लेव और कैलाश त्रिशूल टावर के निवासियों ने मिलजुल कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। महिलाओं ने घरों को रंगोली और दीयों से सजाया, बच्चों ने दीप सजा प्रतियोगिता और मंच प्रदर्शन में भाग लेकर उत्सव को जीवंत बना दिया। इस अवसर पर सोसाइटी के अध्यक्ष के. एल. सचदेवा, महामंत्री शोभा रानी बरनवाल, रेनू मल्होत्रा, ममता कलर, नीतू जैन, विजय कपूर, स्वाति गुप्ता, उषा गुप्ता, उषा अग्रवाल, आर. के. धर, जगमोहन शर्मा, केवल सेठी, संतोष झा और जयप्रकाश झा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। महोत्सव के दौरान आतिशबाजी और दीपों की जगमगाहट ने वातावरण को और भी मनमोहक बना दिया।
संगीत और हंसी की गूंज देर रात तक सोसाइटी में गूंजती रही। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं। क्षेत्रवासियों का कहना था कि इस तरह के आयोजन न केवल खुशी का अवसर देते हैं, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे की भावना को भी प्रबल करते हैं। लोगों ने संकल्प लिया कि वे पर्यावरण के प्रति सजग रहकर, स्वच्छता और सामाजिक सौहार्द के संदेश को आगे बढ़ाएंगे। दीपों की इस जगमगाहट के बीच कौशांबी सचमुच शिव की नगरी की तरह प्रकाशित हो उठी। हर घर, हर बालकनी, हर मुस्कान में प्रकाश, विश्वास और उत्सव का संगम दिखा।

















