- देश-विदेश की 1700 कंपनियों का साझा मंच बना ‘प्लास्ट इंडिया’, तकनीक और व्यापार का संगम
- प्लास्टीन और एसएसपीएल के स्टॉल उद्घाटन से उद्योग जगत में नई ऊर्जा
- आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्लास्टिक उद्योग की मजबूत कदमताल
- संजीव गुप्ता और राजीव गुप्ता ने प्लास्टीन व एसएसपीएल की स्टॉलों का किया उद्घाटन, प्लास्टिक उद्योग को मिला नया मंच
उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में प्लास्टिक उद्योग से जुड़ी कंपनियों के लिए आयोजित की गई प्रतिष्ठित ‘प्लास्ट इंडिया प्रदर्शनी’ का माहौल इन दिनों पूरी तरह उद्योग, तकनीक और व्यापारिक संभावनाओं से सराबोर है। प्लास्ट इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के तत्वावधान में 5 फरवरी (गुरुवार) से 10 फरवरी तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में भारत सहित चीन, जर्मनी, ताइवान समेत कई देशों की दिग्गज कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। करीब 1700 स्टॉलों के साथ यह प्रदर्शनी प्लास्टिक उद्योग जगत के लिए एक साझा मंच बनकर उभरी है, जहां कच्चे माल से लेकर अत्याधुनिक मशीनों तक की व्यापक झलक देखने को मिल रही है। इस भव्य प्रदर्शनी के दौरान गुरुवार को समरकूल और थर्मोकूल के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता और राजीव कुमार गुप्ता ने संयुक्त रुप से प्लास्टिक उत्पादों के लिए दाना बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनियों प्लास्टीन और एसएसपीएल की स्टॉलों का विधिवत फीता काटकर उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रदर्शनी परिसर में खासा उत्साह और उत्सव का माहौल देखने को मिला। उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों और आगंतुकों ने इस अवसर को प्लास्टिक सेक्टर के लिए प्रेरणादायक बताया। प्लास्ट इंडिया प्रदर्शनी का मूल उद्देश्य प्लास्टिक से संबंधित कच्चे माल, उत्पादों और मशीनों की कंपनियों को एक ही छत के नीचे लाकर उद्योग जगत को नई दिशा और गति देना है। इस मंच के माध्यम से छोटे, मध्यम और बड़े उद्यमों को न केवल नई तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिलता है, बल्कि वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी और व्यापारिक विस्तार की संभावनाएं भी खुलती हैं। भारत मंडपम में सजी यह प्रदर्शनी आधुनिक भारत के औद्योगिक सामर्थ्य को भी दर्शाती है।
प्लास्टीन और एसएसपीएल की स्टॉलों के उद्घाटन के दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से गुप्ता बंधुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
प्लास्टीन कंपनी के प्रबंध निदेशक पंकज गोयल, मनीष गोयल, सचिन गोयल के साथ ही एसएसपीएल के प्रबंध निदेशक राजेश बंसल और मोहित बंसल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उद्योग से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस प्रदर्शनी को प्लास्टिक उद्योग के भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया। संजीव कुमार गुप्ता और राजीव कुमार गुप्ता ने उद्घाटन के बाद स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित की गई आधुनिक मशीनों, तकनीकों और उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक उद्योग आज केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नवाचार, गुणवत्ता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में इस तरह की प्रदर्शनी उद्योग को नई सोच, नई तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करती है। गुप्ता बंधुओं ने आयोजकों और प्रतिभागी कंपनियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्लास्ट इंडिया जैसी प्रदर्शनियां देश के उद्योग जगत को मजबूती प्रदान करती हैं।
उन्होंने प्लास्टीन और एसएसपीएल जैसी कंपनियों की प्रगति की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में प्लास्टिक उद्योग की भूमिका अहम है और ऐसे मंच उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक साबित होते हैं। इस अवसर पर अभिषेक गुप्ता, आशुतोष गुप्ता और तनुज गुप्ता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श हुआ और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। प्रदर्शनी में उमड़ रही भीड़ और कंपनियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि प्लास्टिक उद्योग लगातार विस्तार की राह पर है।
कुल मिलाकर भारत मंडपम में आयोजित प्लास्ट इंडिया प्रदर्शनी न केवल व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है, बल्कि यह देश और विदेश की कंपनियों के बीच सेतु का काम भी कर रही है। संजीव कुमार गुप्ता और राजीव कुमार गुप्ता द्वारा किए गए उद्घाटन ने इस आयोजन को और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान की है। यह प्रदर्शनी आने वाले दिनों में प्लास्टिक उद्योग के लिए नई संभावनाओं और साझेदारियों के द्वार खोलने का काम करेगी।


















