गाजियाबाद के कायाकल्प का ब्लूप्रिंट तैयार, 227 करोड़ के विकास कार्यों से बदलेगी तस्वीर

-निर्माण विभाग की कड़ी समीक्षा, अब हर काम पर रहेगी पैनी नजर
-वार्ड से लेकर मुख्य मार्गों तक बुनियादी सुविधाओं को मजबूती
-जल निकासी, सौंदर्यीकरण और स्वच्छ शहर की दिशा में बड़ा कदम

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के विकास कार्यों को तेज गति देने के उद्देश्य से नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने गुरुवार को निर्माण विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए 227 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर के प्रत्येक वार्ड में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे और चल रहे कार्यों पर अधिकारियों को बारीकी से नजर रखनी होगी। नगर आयुक्त ने समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि इंदिरापुरम सहित नगर निगम के सभी वार्डों में इंटरलॉकिंग टाइल, नालियों और पुलियों के निर्माण के साथ-साथ प्रमुख मार्गों पर सड़क सुधार और नालों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाए गए विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता है कि आंतरिक गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

बैठक में जानकारी दी गई कि अवस्थापना निधि के अंतर्गत 227 करोड़ रुपये के विकास कार्य मार्च माह से प्रारंभ किए जाएंगे, जिसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि समय पर कार्य प्रारंभ हो सकें। इसके साथ ही आंतरिक गलियों के सुधार के लिए भी नई निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। शहर के सौंदर्यीकरण को भी विकास योजनाओं में शामिल किया गया है, जिसके तहत लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से मार्च माह में सौंदर्यीकरण कार्य शुरू कराए जाएंगे। नगर आयुक्त ने अन्य मदों से प्रस्तावित कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत 32 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से एसडब्ल्यूएम प्लांट से जुड़े कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। वहीं एयर क्वालिटी सुधार के लिए 30 करोड़ 89 लाख रुपये की योजनाओं पर काम होगा, जिसमें मोहननगर, वसुंधरा, कविनगर और सिटी जोन में प्रमुख सड़कों का सुधार शामिल है।

इन कार्यों के लिए भी निविदा प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इंदिरापुरम क्षेत्र के लिए 17 करोड़ 41 लाख रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें नाला निर्माण को विशेष रूप से शामिल किया गया है। नगर आयुक्त ने कहा कि जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नालों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे इंदिरापुरम क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। नगर आयुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे वार्डों में चल रहे कार्यों का नियमित निरीक्षण करें और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने दें। उन्होंने कहा कि नगर निगम गाजियाबाद को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है और आगामी माह में 227 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी है।

शहर के पांचों जोन में मुख्य मार्गों के साथ-साथ आंतरिक गलियों के सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कवि नगर, विजय नगर, मोहन नगर, साहिबाबाद सहित अनेक क्षेत्रों में सड़क सुधार, इंटरलॉकिंग टाइल, नाली मरम्मत, नाला निर्माण और अन्य विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही बायोडायवर्सिटी पार्क में जनउपयोगी सुविधाओं के विकास कार्यों को भी प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है। समीक्षा बैठक में मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी सहित सभी जोन के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और निर्माण विभाग की टीम उपस्थित रही।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

गाजियाबाद के समग्र विकास के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। शहर के प्रत्येक वार्ड में सड़क, नाली, जल निकासी, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण जैसे बुनियादी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। 227 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं केवल कागजाों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इन्हें तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारा जाएगा। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। नगर निगम का लक्ष्य गाजियाबाद को एक आधुनिक, स्वच्छ और नागरिकों के लिए सुविधाजनक शहर बनाना है, जिसमें विकास हर क्षेत्र और हर नागरिक तक समान रूप से पहुंचे।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
नगर निगम गाजियाबाद।