कैलाश मानसरोवर भवन का हैंडओवर प्रक्रिया तेज, जल्द जीडीए को मिलेगा जिम्मा

-पर्यटन विभाग से जीडीए को सौंपा जाएगा भवन, समिति ने की विस्तृत जांच-पड़ताल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन अब जल्द ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधीन आ जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के सख्त निर्देश पर भवन के हैंडओवर की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को जीडीए की ओर से गठित समिति ने मौके पर जाकर भवन का विस्तृत निरीक्षण किया और समस्त इन्वेंट्री की सूची बनानी शुरू कर दी। निरीक्षण के दौरान समिति ने भवन के प्रत्येक कक्ष, हॉल और अन्य हिस्सों का वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी के जरिए रिकॉर्ड तैयार किया। जीडीए की तरफ से प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन और अधिशासी अभियंता राजीव सिंह समेत अभियंत्रण जोन-6 और विद्युत अनुभाग के अधिकारियों को इन्वेंट्री कार्य पूरा कराने के लिए अधिकृत किया गया है।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम की ओर से 28 अगस्त को पत्र भेजकर भवन के हैंडओवर की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और अधिकारियों को नामित करने के लिए कहा गया था। इसी के बाद जीडीए ने भवन को अपने अधीन लेने की तैयारी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले गाजियाबाद आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का संचालन जीडीए द्वारा किया जाएगा। सीएम के आदेश के बाद ही प्राधिकरण ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए हैंडओवर की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। भवन जीडीए को मिलने के बाद इसका संचालन किस रूप में होगा, इस पर भी मंथन शुरू हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक जीडीए भवन को यात्रियों और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपयोगी बनाने की योजना तैयार कर रहा है। जल्द ही इसके संचालन और रख-रखाव की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा। इंदिरापुरम क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने कैलाश मानसरोवर भवन के जीडीए को हैंडओवर होने की प्रक्रिया का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जीडीए के अधीन आने के बाद भवन का बेहतर उपयोग होगा और यहां सुविधाएं और अधिक पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराई जाएंगी।