शहरवासियों को नगर निगम ने दी बड़ी सौगात, हाउस टैक्स में अधिकतम 92 प्रतिशत तक की छूट, शर्तें लागू

7 मार्च 2026 का दिन शहरवासियों के लिए सुपर सैटरडे रहा। आज के दिन लाखों शहरवासियों को मेयर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बड़ी सौगात दी। नगर निगम की बोर्ड बैठक में हाउस टैक्स के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के बाद शहरवासियों को बड़ी छूट देने का निर्णय लिया गया। बोर्ड बैठक में नई दर से लगने वाले हाउस टैक्स में 77 से 92 प्रतिशत तक छूट देने का निर्णय लिया गया है। यह छूट सिर्फ आवासीय भवनों को मिलेगा। बोर्ड बैठक में बताया गया कि जो मकान 10 साल पुराने हैं उनको 25 प्रतिशत की छूट, 10 साल से 20 साल पुराने मकानों को साढ़े 32 प्रतिशत और 20 वर्ष से अधिक पुराने मकानों पर 40 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इस छूट के अलावा आॅनलाइन भुगतान करने पर करदाताओं को 2 प्रतिशत की अतिरिक्ति छूट मिलेगी। शहर को साफ सुथरा और स्वच्छ बनाने की मुहिम में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए टैक्स में 10 प्रतिशत और छूट देने का प्रस्ताव पास किया। समय से टैक्स जमा करने वालो को मिलने वाली 20% की छूट को भी आगे तक बढ़ा दिया गया है। इतना ही नहीं शहरवासियों को अब पहले से कम एरिया पर टैक्स देना होगा। नगर निगम के इस निर्णय से करदाताओं को 20 प्रतिशत कम एरिया पर हाउस टैक्स का भुगतान करना होगा। नवयुग मार्केट स्थित नगर निगम मुख्यालय सभागार में शनिवार सुबह 11 बजे मेयर सुनीता दयाल की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त  विक्रमादित्य सिंह की मौजूदगी में नगर निगम की बोर्ड बैठक शुरू हुई। बैठक की शुरुआत वंदेमातरम गान से हुई। सदन सचिव एवं अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने बैठक के एजेंडे को सदस्यों के समक्ष रखा। बोर्ड बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त पल्लवी सिंह, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार, मुख्य नगर लेखा परीक्षक विवेक सिंह, जीएम केपी अनांद, लेखाधिकारी अनुराग सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी, वरिष्ठ पार्षद राजीव शर्मा, अजय शर्मा, विनय चौधरी, संजय सिंह, मनोज त्यागी, सचिन डागर, शीतल देओल, रेखा गोस्वामी समेत काफी संख्या में पार्षद मौजूद रहे।

विजय मिश्रा (उदय भूमि)
गाजियाबाद। 7 मार्च 2026 का दिन शहरवासियों के लिए सुपर सैटरडे रहा। आज के दिन लाखों शहरवासियों को मेयर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बड़ी सौगात दी। नगर निगम की बोर्ड बैठक में हाउस टैक्स के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के बाद शहरवासियों को बड़ी छूट देने का निर्णय लिया गया। बोर्ड बैठक में नई दर से लगने वाले हाउस टैक्स में 77 से 92 प्रतिशत तक छूट देने का निर्णय लिया गया है। यह छूट सिर्फ आवासीय भवनों को मिलेगा। बोर्ड बैठक में बताया गया कि जो मकान 10 साल पुराने हैं उनको 25 प्रतिशत की छूट, 10 साल से 20 साल पुराने मकानों को साढ़े 32 प्रतिशत और 20 वर्ष से अधिक पुराने मकानों पर 40 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

शहरवासियों को यह छूट नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत दिया गया है। नगर निगम अधिनियम में यह प्रावधान है कि टैक्स को लेकर इस तरह की छूट से संबंधित प्रस्ताव सदन पारित कर सकता है। इस छूट के अलावा ऑनलाइन भुगतान करने पर करदाताओं को 2 प्रतिशत की अतिरिक्ति छूट मिलेगी। शहर को साफ सुथरा और स्वच्छ बनाने की मुहिम में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए टैक्स में 10 प्रतिशत और छूट देने का प्रस्ताव पास किया। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। जो लोग गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करके रखेंगे उन्हें यह छूट मिलेगा। इससे शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी। मेयर सुनीता दयाल ने बताया कि समय से टैक्स जमा करने वालो को मिलने वाली 20% की छूट को भी आगे तक बढ़ा दिया गया है। इतना ही नहीं शहरवासियों को अब पहले से कम एरिया पर टैक्स देना होगा। गाजियाबाद नगर निगम अब कारपेट एरिया पर हाउस टैक्स की वसूली करेगा, पूर्व में कवर्ड एरिया के अनुसार टैक्स वसूला जाता था। नगर निगम के इस निर्णय से करदाताओं को 20 प्रतिशत कम एरिया पर हाउस टैक्स का भुगतान करना होगा।

नवयुग मार्केट स्थित नगर निगम मुख्यालय सभागार में शनिवार सुबह 11 बजे मेयर सुनीता दयाल की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त  विक्रमादित्य सिंह की मौजूदगी में नगर निगम की बोर्ड बैठक शुरू हुई। बैठक की शुरूआत वंदेमातरम गान से हुई। शाम तक तीन सत्र में चले बोर्ड बैठक में पुनरीक्षित बजट प्रस्ताव सहित शहर के विकास और शहरवासियों के हितों से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सदन सचिव एवं अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने बैठक के एजेंडे को सदस्यों के समक्ष रखा। पार्षदों  ने हाउस टैक्स से जुड़े प्रस्ताव पर सबसे लंबी चर्चा की। चर्चा के बाद प्रस्ताव को पास कर दिया गया। बोर्ड बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त पल्लवी सिंह, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार, मुख्य नगर लेखा परीक्षक विवेक सिंह, जीएम केपी आनंद, लेखाधिकारी अनुराग सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी, वरिष्ठ पार्षद राजीव शर्मा, अजय शर्मा, विनय चौधरी, संजय सिंह, मनोज त्यागी, सचिन डागर, शीतल देओल, रेखा गोस्वामी समेत काफी संख्या में पार्षद मौजूद रहे। लेखाधिकारी अनुराग सिंह ने सदन के समक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 का पुनरीक्षित बजट पेश किया। इसमें 3685 करोड़ आय व 2849 करोड़ रुपए व्यय के पुनरीक्षित बजट को कुछ संशोधनों के साथ पास कर दिया गया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद से शहर में डीएम सर्किल रेट के अनुसार अलग-अलग श्रेणी की कॉलोनियों में अलग-अलग दर से टैक्स वसूला जा रहा है। शनिवार की बोर्ड बैठक में सिर्फ दो पार्षदों ने डीएम सर्किल रेट से हाउस टैक्स लगाये जाने का विरोध किया। अधिकांश पार्षदों ने खुलकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया। जबकि कुछ पार्षदों ने डीएम सर्किल रेट के प्रस्ताव को मौन स्वीकृति दी। बोर्ड बैठक के बाद यह भी स्पष्ट हो गया कि हाउस टैक्स बढ़ोत्तरी को लेकर पिछले कई महीनों से राजनैतिक विरोध का एजेंडा चलाया जा रहा था।

बोर्ड बैठक के बाद यह ऐजेंडा ध्वस्त हो गया। शहर की आम जनता के बीच टैक्स बढ़ोत्तरी को लेकर कोई विरोध नहीं है। जनता बढ़ी हुई दर से टैक्स देने के लिए तैयार है। जनता चाहती है कि उनके क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से कराये जायें। बहरहाल नगर निगम बोर्ड ने एक अच्छा निर्णय लिया है। उधर, एक बार फिर से इस मामले को शासन को भेजने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड में निर्णय लिया गया कि हाउस टैक्स की दर पर पुनर्विचार करने के लिए शासन में सदन का प्रस्ताव भेजा जाएगा व वार्ता भी की जाएगी। मेयर और निगम अधिकारियों के साथ अन्य जनप्रतिनिधि भी चर्चा के लिए लखनऊ जाएंगे।