दो साल में बदली तस्वीर: नगर निगम मुख्यालय बना मॉडर्न सिटी गवर्नेंस का मॉडल

•  नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की पहल रंग लाई: निगम मुख्यालय में दिखा ‘न्यू एज’ बदलाव
• जर्जर इमारत से स्मार्ट प्रशासनिक केंद्र तक का सफर
• हाईटेक मीटिंग हॉल, फायर सेफ्टी और डिजिटल सुविधाओं से लैस हुआ मुख्यालय
• शहर विकास परियोजनाओं के साथ निगम मुख्यालय का भी हुआ व्यापक कायाकल्प
• आगंतुकों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, कर्मचारियों को आधुनिक कार्यस्थल
• विद्युत व्यवस्था नवीनीकृत, स्प्रिंकलर सिस्टम से बढ़ी सुरक्षा
• पार्किंग और आधुनिक स्टोर रूम की तैयारी, प्रशासनिक व्यवस्था होगी और सुदृढ़
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम ने बीते दो वर्षों में न केवल शहर के विकास को नई गति दी है, बल्कि नगर निगम मुख्यालय की तस्वीर भी पूरी तरह बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। नवयुग मार्केट स्थित जर्जर हालत में नजर आने वाला नगर निगम मुख्यालय अब आधुनिक और सुविधासंपन्न स्वरूप में दिखाई देने लगा है। मरम्मत कार्यों के साथ भवन का एलिवेशन तेजी से कराया जा रहा है, जिससे मुख्यालय का बाहरी स्वरूप भी आकर्षक बन रहा है। नगर आयुक्त के नेतृत्व में शहर में बायोडायवर्सिटी पार्क, सीनियर सिटीजन केयर सेंटर, टीएसटीपी प्लांट, सीएम ग्रिड, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर, निगम स्कूलों में डिजिटल लैब तथा प्राकृतिक पेंट प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों पर मूर्तिकला कार्य और प्रमुख मार्गों पर भित्ति चित्रों के माध्यम से सौंदर्यीकरण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
विकास की इसी श्रृंखला में नगर निगम मुख्यालय को भी आधुनिक रूप देने का अभियान चल रहा है। नगर निगम मुख्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में शहरवासियों और बाहरी आगंतुकों का आवागमन रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय को व्यवस्थित और आरामदायक बनाया गया है। पिछले दो वर्षों में मुख्यालय के शौचालयों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था को भी अधिक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया गया है। परिसर में बने पार्क का सौंदर्यीकरण कर उसे हरा-भरा और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है। बोर्ड बैठक और कार्यकारिणी बैठक के लिए बनाए गए कक्षों का भी जीर्णोद्धार किया गया है। इन कक्षों को आधुनिक साज-सज्जा और तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठकों के लिए तीन बड़े मीटिंग हॉल तैयार किए गए हैं।
वर्चुअल बैठकों के लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन स्थापित की गई हैं, जिससे ऑनलाइन संवाद और समीक्षा बैठकें सुचारु रूप से संचालित की जा सकें। लिफ्ट व्यवस्था को भी उन्नत किया गया है, जिससे आगंतुकों और कर्मचारियों को आवागमन में सुविधा मिल सके। मुख्य अभियंता (निर्माण) नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि भवन के जीर्णोद्धार कार्य आवश्यकता के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं। पुरानी विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह बदला गया है और सभी तारों को नवीनीकृत किया गया है। प्रत्येक तल पर लाइट पैनल बदले गए हैं। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर प्रोटेक्शन सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। सदन कक्ष में विशेष रूप से स्प्रिंकलर नोजल लगाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नगर आयुक्त ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह विभिन्न विभागों के कार्यस्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है। लक्ष्य केवल कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण तैयार करना ही नहीं, बल्कि आगंतुकों के लिए भी सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित करना है। फाइलों के रखरखाव और स्टोर रूम की समस्या को देखते हुए नई योजना तैयार की जा रही है। आगामी माह में मुख्यालय की पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने और फाइलों के सुरक्षित भंडारण के लिए आधुनिक स्टोर रूम विकसित करने का कार्य शुरू किया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा कि शहर हित में लिए जाने वाले अधिकांश निर्णय इसी मुख्यालय से संचालित होते हैं, इसलिए कार्यशैली का आधुनिक और तकनीक-सक्षम होना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यस्थलों का बेहतर होना प्रशासनिक दक्षता को सीधे प्रभावित करता है।
इसी उद्देश्य से अधिकांश आवश्यक कार्य पूरे कर लिए गए हैं और शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण किए जाएंगे। नगर निगम मुख्यालय के साथ-साथ जोन स्तर पर भी इसी प्रकार के सुधार कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से सहयोग लिया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर और त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी। गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय का यह कायाकल्प शहर के विकास की नई पहचान बनता नजर आ रहा है।