-हेनरी ड्यूट की जयंती पर रेड क्रॉस ने निभाई अपने सेवा संकल्प की भूमिका
-50 क्षय रोगियों को गोद लेकर बांटीं पुष्टाहार पोटलियां
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व की सबसे बड़ी मानव सेवा संस्था रेड क्रॉस की स्थापना दिवस पर गाजियाबाद में सेवा का अद्वितीय उदाहरण पेश किया गया। संस्था के जनक हेनरी ड्यूट की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में रक्तदान शिविर, रक्तदान प्रोत्साहन गोष्ठी और क्षय रोगियों की मदद जैसे बहुआयामी आयोजन हुए। इस मौके पर 50 क्षय रोगियों को छह माह के लिए गोद लिया गया और उन्हें पुष्टाहार पोटलियां वितरित की गईं। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की गाजियाबाद इकाई द्वारा जिलाधिकारी और इकाई अध्यक्ष दीपक मीणा (आईएएस) के निर्देश पर गुरुवार को इस सेवा पर्व का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी सिटी गंभीर सिंह ने अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति में मां भारती और हेनरी ड्यूट के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम में उपस्थित एडीएम सिटी गंभीर सिंह ने गाजियाबाद के उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और अधिकारियों से रेड क्रॉस का सदस्य बनने की अपील करते हुए कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और रेड क्रॉस इसका सशक्त माध्यम है।
उन्होंने स्वयं तथा अपनी पत्नी के साथ रेड क्रॉस की आजीवन सदस्यता भी ली, जिसका प्रमाण-पत्र सभापति डॉ. सुभाष गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार, डॉ. चरण सिंह, मेजर डॉ. प्राची गर्ग, डॉ. अंशुल चौधरी, डॉ. नेहा गोस्वामी सहित कई चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। मेजर डॉ. प्राची गर्ग ने रेड क्रॉस की कार्यप्रणाली और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस एक गैर-राजनीतिक संस्था है, जो 1920 से भारत में निस्वार्थ सेवा कार्य कर रही है। कार्यक्रम में रोटरी क्लब गाजियाबाद हेरिटेज की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। क्लब अध्यक्ष हिमांशु बंसल ने बताया कि क्लब ने रेड क्रॉस के साथ मिलकर 50 क्षय रोगियों को छह माह के लिए गोद लिया है और उन्हें आवश्यक पोषण सामग्री प्रदान की गई है। उन्होंने रेड क्रॉस की सेवा भावना से प्रभावित होकर भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।
रेड क्रॉस की सचिव डॉ. किरण गर्ग ने सभी से सदस्यता बढ़ाने की अपील की, जिसका उत्साहजनक असर दिखा। सरकारी विद्यालय की शिक्षिका नीतू सिंह, अंशु सिंह और अंजलि अग्निहोत्री ने सदस्यता ग्रहण करते हुए 10-10 और लोगों को जोडऩे का आश्वासन दिया। सभापति डॉ. सुभाष गुप्ता ने कहा कि रेड क्रॉस कभी युद्ध का समर्थन नहीं करता, बल्कि शांति, प्रेम और समरसता का प्रतीक है। लेकिन आतंकवाद के खिलाफ संस्था का रुख हमेशा दृढ़ और स्पष्ट रहा है। यदि विश्व में शांति और प्रेम की स्थापना करनी है तो आतंकवाद का समूल नाश जरूरी है। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. बलिगा, डॉ. शील, एम.सी. गौड़, विपिन अग्रवाल, डीसी बंसल, राजेश गुप्ता, विनोद कुमार, संजय कुमार यादव, दीपाली गुप्ता सहित सिविल डिफेंस व अन्य स्वयंसेवकों का उल्लेखनीय योगदान रहा। रक्तदान शिविर में युवाओं से लेकर वरिष्ठों तक ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया, जिससे यह आयोजन एक प्रेरणास्पद सेवा पर्व बन गया।

















