-100 से अधिक पेड़, खंभे और होर्डिंग गिरे
-नगर निगम की टीमों ने पूरी रात और दिन भर शहर को फिर से खड़ा करने में झोंकी ताकत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बुधवार रात करीब आठ बजे आए भीषण आंधी-तूफान ने गाजियाबाद शहर को बुरी तरह हिला कर रख दिया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण शहर में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। विभिन्न इलाकों में 100 से भी अधिक पेड़ धराशायी हो गए, कई जगह बिजली के खंभे गिरे, होर्डिंग्स और साइनेज सड़कों पर बिखर गए। ऐसे में नगर निगम की त्वरित और संगठित कार्रवाई ने हालात को संभाल लिया और बड़ा संकट टल गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर निगम की टीमें रात्रि में ही हरकत में आ गईं। उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जलकल विभाग, प्रकाश विभाग और निर्माण विभाग की संयुक्त टीमें शहर के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय रहीं। नगर आयुक्त स्वयं देर रात तक मॉनिटरिंग करते रहे और अधिकारियों से फील्ड की रिपोर्ट लेते रहे।
अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि लगभग 100 से ज्यादा पेड़ तूफान के चलते सड़कों पर गिर गए थे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। उद्यान विभाग की टीमों जिनमें हेड माली, सुपरवाइजर, पर्यवेक्षक और निरीक्षक शामिल थे, उन्होंने रातभर मेहनत कर पेड़ों को हटाया और गुरुवार को भी दिनभर भ्रमण कर स्थितियों को सामान्य किया। स्वास्थ्य विभाग की सफाई मित्रों की टीमों ने गिरा हुआ कचरा हटाकर स्वच्छता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। जलकल विभाग ने बारिश के चलते हुए जलभराव को दूर करने के लिए 60 से अधिक पंप सेट लगाए और जल निकासी की। प्रकाश विभाग की टीमों ने गिरे हुए बिजली के खंभों को हटाने और आपूर्ति बहाल करने में तत्परता दिखाई। शहर में करीब 10 स्थानों से बिजली के खंभे गिरने की शिकायतें मिली थीं, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई।
22 से अधिक जेसीबी मशीनें रहीं मोर्चे पर तैनात
नगर निगम ने 22 से अधिक जेसीबी मशीनों को राहत कार्य में लगाया, जिससे पेड़ों और होर्डिंग्स को हटाकर सड़कों को शीघ्रता से चालू किया जा सका। इस संयुक्त अभियान ने गाजियाबाद को फिर से पटरी पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई।
टीमवर्क ने टाली बड़ी दुर्घटना
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सभी विभागों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के समय सभी विभागों ने एक टीम के रूप में कार्य कर यह सुनिश्चित किया कि जनहानि न हो और शहर की रफ्तार जल्द ही बहाल की जा सके। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में आपदा प्रबंधन को और अधिक सशक्त किया जाएगा।
















