ग्रामीण बोले सीईओ साहब हैं भगवान हम मानेंगे उनकी बात, खत्म किया धरना प्राधिकरण कार्यालय में डीएम और सीईओ संग ग्रामीणों की हुई वार्ता

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनकी बातोें को ठीक ढ़ंग से सुना नहीं जा रहा है और उन्हें जिला प्रशासन की बातों पर भरोसा नहीं है। डीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग मानी जाएगी। रनहैरा के लोगों को फलैदा में बसाने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन ग्रामीण इस बात को मानने को तैयार नहीं थे। वार्ता में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि यमुना प्राधिकरण के सीईओ आश्वासन दें कि रनहैरा के लोगों को मॉडलपुर में बसाया जाएगा तभी वह धरना समाप्त करेंगे। इसी बीच वार्ता में मौजूद कई ग्रामीण बोलने लगे कि सीईओ साहब हमारे भगवान हैं। हमें उनकी बातों पर पूरा भरोसा है। सीईओ साहब जो कहते हैं उसे पूरा करते हैं। सीईओ साहब हमें आश्वासन दें तभी हमें विश्वास होगा।

उदय भूमि ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। रनहैरा गांव के ग्रामीणों का धरना शुक्रवार शाम को खत्म हो गया। यमुना प्राधिकरण कार्यालय में ग्रामीणों की डीएम सुहास एलवाई और प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के साथ बैठक हुई। बैठक में ग्रामीणों ने अपनी मांगों को रखा और प्रशासनिक अधिकारियों पर ग्रामीणों को बड़गलाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें मॉडलपुर गांव के पास बसाया जाये। फलैदा गांव के पास रनहैरा गांव के लोगों को बसाये जाने की चर्चाओं को लेकर किसानों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनकी बातोें को ठीक ढ़ंग से सुना नहीं जा रहा है और उन्हें जिला प्रशासन की बातों पर भरोसा नहीं है। डीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग मानी जाएगी। रनहैरा के लोगों को फलैदा में बसाने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन ग्रामीण इस बात को मानने को तैयार नहीं थे। वार्ता में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि यमुना प्राधिकरण के सीईओ आश्वासन दें कि रनहैरा के लोगों को मॉडलपुर में बसाया जाएगा तभी वह धरना समाप्त करेंगे। इसी बीच वार्ता में मौजूद कई ग्रामीण बोलने लगे कि सीईओ साहब हमारे भगवान हैं। हमें उनकी बातों पर पूरा भरोसा है। सीईओ साहब जो कहते हैं उसे पूरा करते हैं। सीईओ साहब हमें आश्वासन दें तभी हमें विश्वास होगा। ग्रामीणों के धरना के मद्देनजर यमुना प्राधिकरण कार्यालय के आसपास काफी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


शुक्रवार सुबह रनहैरा गांव से काफी संख्या में लोग यमुना प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और धरना पर बैठ गये। धरना में किसानों के साथ साथ काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। ग्रामीणों ने बताया कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण में रनहैरा गांव की जमीन अधिग्रहीत की जा रही है और ग्रामीणोें के विस्थापन को लेकर जिस जगह का चयन किया गया है वह उन्हें मंजूर नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि हमारे गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। लोगों से सहमति भी दवाब में लिया जा रहा है। हमारा गांव विस्थापित होगा और हमें फलैदा गांव के पास बसाने की योजना बनाई जा रही है। जबकि हम लोग मॉडलपुर गांव के पास बसना चाहते हैं। जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें मॉडलपुर गांव के पास बसाया जाए। कृषि भूमि पर बोरिंग, पेड़ आदि का भी पैसा मिले। उनके मौजूदा व्यवसायों को उजाड़ा ना जाए। बल्कि उन्हें पुन: स्थापित करने के लिए जमीन दी जाए। अर्जित भूमि का 20 प्रतिशत विकसित भाग दिया जाए। प्रभावित किसान दूसरी जगह संपत्ति खरीदता है तो उसे स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाए। डीएम सुहास एलवाई और सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के आश्वावन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।