-मधुबन बापूधाम में वर्षों से बिजली का इंतजार कर रहे 292 आवंटियों को मिली राहत, ट्रांसफार्मर चार्ज होने के साथ कनेक्शन की राह खुली
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम में बनी समाजवादी आवासीय योजना के तहत हजारों लोग वर्षों से बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। बिना रोशनी के इन घरों में रहना, जैसे आधुनिक दौर में अंधेरे से लड़ते हुए जीवन को ढोना था। लेकिन आखिरकार, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अतुल वत्स के हस्तक्षेप ने वह किया जो वर्षों से फाइलों में दबा रह गया था, बिजली विभाग ने योजना के लिए ट्रांसफॉर्मर को चार्ज कर दिया है, जिससे अब आवंटियों को बिजली कनेक्शन मिलने का रास्ता खुल गया है। यह केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं था, बल्कि सैकड़ों परिवारों के लिए उम्मीद की लौ बनकर आया। 2021 में इन भवनों में आंतरिक व बाह्य विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन ट्रांसफार्मर चार्ज न होने और P.V.V.N.L. द्वारा सुपरविजन चार्ज व जीएसटी भुगतान को लेकर फंसी फाइलें पूरी योजना को अंधकार में धकेलती रहीं। बिजली कनेक्शन के लिए लगातार की गई गुहार जब अधिकारियों के कानों तक नहीं पहुंची, तो कुछ आवंटियों को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
बावजूद इसके न प्राधिकरण ने पहल की, न ही बिजली विभाग ने जिम्मेदारी समझी। लेकिन हाल ही में जब यह मुद्दा जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक से पत्राचार करते हुए कार्य में तीव्रता लाने के निर्देश दिए।यह समस्या महज बिजली के कनेक्शन तक सीमित नहीं थी। यह उस सिस्टम की कहानी है जिसमें आम जनता की जरूरतें फाइलों की गर्द में खो जाती हैं। सुपरविजन चार्ज और टैक्स के नाम पर बाधाएं खड़ी होती रहीं, और योजना में शामिल सैकड़ों परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे। मामला जब जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के संज्ञान में आया तो उन्होंने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक से संवाद किया और प्रकरण को प्राथमिकता पर सुलझाने के निर्देश दिए। कुछ आवंटियों ने बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर उच्च न्यायालय की भी शरण ली थी।
अब आवंटियों को मिलेगा कनेक्शन
प्राधिकरण की गंभीरता और उपाध्यक्ष की दृढ़ इच्छाशक्ति से आज यह दिन आया है जब ट्रांसफॉर्मर चार्ज हो चुका है और अब लोगों को आवेदन के बाद बिजली कनेक्शन मिलने शुरू हो जाएंगे। यह एक प्रशासनिक सफलता के साथ-साथ उन लोगों की जीत भी है जो वर्षों से अंधेरे से लड़ रहे थे।
अंधेरे से उजाले की ओर
यह घटनाक्रम यह दिखाता है कि यदि अफसर संवेदनशील हों और जनता की आवाज को सुनने की मंशा हो, तो वर्षों से अटके काम भी चंद दिनों में हल हो सकते हैं। मधुबन बापूधाम की ये रौशनी न सिर्फ घरों में उजाला लाएगी, बल्कि जनता के प्रशासन पर विश्वास को भी फिर से मजबूत करेगी।

जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी)
समाजवादी आवास योजना के आवंटियों की बिजली संबंधी समस्या मेरे संज्ञान में लाई गई थी। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण था कि वर्षों पहले निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद भी बिजली जैसी आवश्यक सेवा लंबित थी। मैंने इस विषय में तत्काल पावर कॉर्पोरेशन के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया और समाधान की दिशा में आवश्यक हस्तक्षेप किया। अब ट्रांसफॉर्मर चार्ज कर दिया गया है और बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हमारा प्रयास रहेगा कि भविष्य में कोई भी योजना अधूरी न रह जाए और आमजन तक सुविधाएं समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
अतुल वत्स, उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण

















