शराब माफियाओं के लिए बंद हुआ रास्ता, आबकारी विभाग का ‘ऑपरेशन निगरानी’ जारी

• गौतमबुद्ध नगर में दिन-रात निगरानी कर रही सुबोध श्रीवास्तव की विशेष टीम
• रात 10 बजे के बाद भी दुकानें चेक कर रही विभागीय टीमें
• एक-एक शॉप पर पैनी निगाह, चुपके से बेचने वालों की अब खैर नहीं
• बार-रेस्टोरेंट्स पर औचक निरीक्षण, लाइसेंस और ब्रांड की गहन जांच
• गोपनीय टेस्ट परचेज और सीसीटीवी जांच से सटीक नियंत्रण
• हर दुकान की हरकत पर नजर-हर एंगल से हो रही जांच
• ग्राहकों की सुरक्षा और नियमों की सख्ती-एक साथ दोहरी तैयारी
• लाइसेंसधारकों को दी गई चेतावनी, नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में शराब बिक्री को लेकर लागू नियमों का उल्लंघन अब आसान नहीं रह गया है। वजह है यहां की चुस्त-दुरुस्त आबकारी विभाग की टीम, जो न केवल दिन में बल्कि रात के अंधेरे में भी दुकानों और बार-रेस्टोरेंट्स की लगातार निगरानी कर रही है। एक ओर जहां बाकी जिलों में शराब की अवैध बिक्री अक्सर प्रशासन की आंखों से बच निकलती है, वहीं गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो और टीम समर्पित हो, तो नियमों को ज़मीन पर उतारना कोई असंभव कार्य नहीं। इस पूरी मुहिम की कमान संभाली हुई है जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने, जो अपनी टीम के साथ मिलकर एक-एक दुकान, एक-एक लाइसेंसधारी इकाई पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। उनके नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, डॉ. शिखा ठाकुर, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, अभिनव शाही, संजय चन्द्र और नामवर सिंह जैसे अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं। टीम की सक्रियता से अब किसी भी दुकानदार को नियमों की अवहेलना कर शराब बेचने से पहले कई बार सोचना पड़ता है।

रविवार को विभाग की टीम ने एक बार फिर जिले में जोरदार अभियान चलाते हुए खैरपुर गुर्जर, सैनी स्थित कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप और देशी शराब की दुकानों की सघन जांच की। टीम ने सभी दुकानों की कैंटीन चेक की, उनकी सीसीटीवी फुटेज, स्टॉक स्थिति, बिक्री रजिस्टर और गोपनीय टेस्ट परचेज जैसी प्रक्रियाएं अपनाकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी दुकानदार कानून से बाहर जाकर बिक्री नहीं कर रहा। टीम ने स्पष्ट रूप से देखा कि कुछ दुकानों में रियल टाइम सीसीटीवी रिकॉर्डिंग नहीं हो रही थी। ऐसे मामलों में दुकान मालिकों को सख्त चेतावनी दी गई और आवश्यकतानुसार चालान भी किए गए। रात 10 बजे के बाद अवैध बिक्री की संभावनाओं को देखते हुए विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी दुकान नियम के विरुद्ध खुली न हो।

केवल शराब की दुकानों तक ही विभाग की कार्रवाई सीमित नहीं रही। टीम ने सेक्टर-94 स्थित मिड नाइट बार व अर्बन कस्बा रेस्टोरेंट-बार की भी गहनता से जांच की। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि बार में अन्य राज्यों की शराब का अवैध रूप से उपयोग न हो रहा हो और लाइसेंस के दायरे में रहकर ही शराब परोसी जा रही हो। इस दौरान संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई कि अगर आगे से कोई भी नियम उल्लंघन पाया गया तो लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई दोनों की संभावनाएं हैं। अंतत: यह कहना गलत नहीं होगा कि जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव और उनकी टीम की 24 घंटे की सक्रियता, नियमों के प्रति प्रतिबद्धता और कर्तव्यनिष्ठा ने गौतमबुद्ध नगर को प्रदेश का सबसे अनुशासित शराब विक्रय क्षेत्र बना दिया है। यह एक ऐसी मिसाल है जिसे बाकी जिलों को भी अपनाने की आवश्यकता है।

हर दुकान पर सटीक निगरानी, हर वक्त तैयार टीम
गौतमबुद्ध नगर का आबकारी विभाग अब एक उदाहरण बनता जा रहा है। विभाग की टीम ने दुकानों की “चेकिंग” यानी दुकानों को अलग-अलग ज़ोन में बांटकर हर ज़ोन पर एक विशेष टीम की तैनाती कर रखी है, जिससे किसी एक क्षेत्र में भी गड़बड़ी हो तो उसका तुरंत संज्ञान लिया जा सके। दुकानें खुलने से पहले और बंद होने के बाद भी इन ज़ोन की चेकिंग लगातार होती रहती है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी लाइसेंसधारी दुकानदार या बार संचालक नियमों के बाहर जाकर कार्य न करे। साथ ही, हम ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए भी कटिबद्ध हैं। इसीलिए रात में भी टीमें एक्टिव रहती हैं, ताकि अवैध बिक्री और ओवर रेटिंग जैसी समस्याएं न हो सकें।

शराब माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
इस पूरे अभियान के पीछे विभाग की नीति बिल्कुल साफ है जीरो टॉलरेंस टू अनएथिकल प्रैक्टिसेस। अवैध शराब बिक्री, लाइसेंस के उल्लंघन, समय से बाहर शराब बेचना या ग्राहकों से मनमाने दाम वसूलना ऐसे किसी भी अपराध को अब गौतमबुद्ध नगर में बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है। टीम यह भी सुनिश्चित कर रही है कि किसी दुकान में फर्जी बिलिंग, स्टॉक में हेराफेरी, अनधिकृत ब्रांडों की बिक्री आदि न हो।

एक जिले में मॉडल तैयार कर रहे अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर का आबकारी विभाग न केवल अपने कार्यों से कानून का पालन करवा रहा है, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल स्थापित कर रहा है। अगर यही सतर्कता, सजगता और नियमानुसार कार्यप्रणाली प्रदेश के अन्य जनपदों में भी अपनाई जाए, तो उत्तर प्रदेश में शराब से जुड़े अनियमितताओं पर भारी लगाम लग सकती है।