संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी कराने का काम जल्द होगा शुरु

-नए संशोधन के बाद खून के रिश्तों को छोड़कर अन्य लोगों को देना पड़ेगा 7 फीसदी स्टांप शुल्क

गाजियाबाद। संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी कराने के लिए जल्द काम शुरू हो जाएगा। जनपद में एक साल से बंद पावर ऑफ अटॉर्नी के पंजीकरण फिर से अब जल्द शुरू होंगे। स्टांप अधिनियम में संशोधन के बाद अब स्टांप विभाग की ओर से सॉफ्टवेयर में संशोधन कराया जा रहा है। नए संशोधन के बाद खून के रिश्तों को छोड़कर अन्य लोगों को पावर ऑफ अटॉर्नी किए जाने पर बैनामे की तरह 7 फीसदी स्टांप शुल्क देना पड़ेगा। स्टांप अधिनियम में संशोधन का गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रदेश के स्टांप आयुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने सभी सहायक स्टांप आयुक्तों को पत्र भेजकर नए नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पावर ऑफ अटॉर्नी से संबंधित विलेखों के लिए नए अधिनियम के अनुसार स्टांप शुल्क की देयता सुनिश्चित कराई जाए।

एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश शासन ने संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी कराने संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत शासन से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया (एसओपी) को अपनाया जा रहा है। शासन के आदेश के बाद अब जल्द ही संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी कराई जा सकेगी। एआईजी स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि शासन के आदेश के बाद पावर ऑफ अटॉर्नी के विलेख पंजीकरण के लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिलने शुरू हो जाएंगे। लोग बैनामे की तरह ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट ले सकेंगे और फिर तहसील में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर विलेख का पंजीकरण करा सकेंगे। इस पावर ऑफ अटॉर्नी में परिवार के सदस्यों (पिता, माता, पति-पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू, पुत्री, दामाद, भाई-बहन, पौत्र-पौत्री (पुत्र का पुत्र-पुत्री) व नाती-नातिन (पुत्री का पुत्र-पुत्री) के मामले में पावर ऑफ अटार्नी के जरिए अचल संपत्ति बेचने का अधिकार देने पर सिर्फ 5000 रुपए की स्टांप ड्यूटी लगेगी।

इसके अतिरिक्त किसी को भी अचल संपत्ति बेचने का अधिकार देने पर 7 फीसदी का स्टांप लगेगा। पावर ऑफ अटॉर्नी में संपत्ति बेचने का अधिकार नहीं होगा तो अधिकतम 100 रुपए का स्टांप ही लगेगा। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि एक साल से पावर ऑफ अटॉर्नी के विलेख पंजीकरण पर रोक लग जाने से लोग परेशान हैं। करीब 50 हजार से ज्यादा लोग इस सुविधा का दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। शासन की ओर से बीते अक्टूबर में भी इस सुविधा को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुई। लेकिन अब जल्द पावर ऑफ अटॉर्नी शुरू हो जाएगी।