घड़ी शोरूम में हुई करोड़ों की चोरी का खुलासा: अन्तर्राज्यीय बिहार के चादर गैंग के दो शातिर गिरफ्तार

-46 लाख की 125 घडियां बरामद, चोरी से पहले रेकी करने के लिए किराए पर लेते थे मकान
-चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद छिपने के लिए नेपाल हो जाते थे फरार
-घटना के दौरान हर काम के लिए कोर्ड वर्ड में करते थे आपस में बात

गाजियाबाद। इंदिरापुरम क्षेत्र में 3 करोड़ रुपए की घड़ी चोरी के मामले में इंदिरापुरम थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने खुलासा करते हुए बिहार के चादर गैंग के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गत 11 अगस्त को घड़ी शोरूम साईं क्रिएशन में हुई 671 घडिय़ों की चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 125 घड़ी बरामद की गई है। गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह की मौजूदगी में घड़ी चोरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि घड़ी शोरूम में चोरी बिहार के मोतिहारी जिले के घोड़ासहन के चादर गैंग ने किया था। घटना में 10 बदमाश शामिल थे, जिनमें तीन नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। चोरी के लिए बदमाशों ने नोएडा के सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में किराए पर कमरा लेकर 20 दिन पहले रहना शुरू किया था। इसके बाद आरोपियों ने पुताई का काम करते हुए रेकी करने लगे। पुलिस की गिरफ्त में आए बदमाशों की पहचान संतोष कुमार जायसवाल और रोहित कुमार पासवान हैं। डीसीपी ने बताया कि घटना में शामिल अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है। बता दें, सीआईएसफ रोड पर हुई 3 करोड़ की चोरी के मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक इंदिरापुरम जितेंद्र दीखित और कनावनी चौकी प्रभारी लाल चंद कनौजिया को निलंबित कर दिया गया था।

घटना की जांच के लिए 12 टीम गठित की गई थी। अब पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 46 लाख की मंहगी 125 घडिय़ां बरामद की है। पकड़े गए आरोपी पूरे देश में सिर्फ महंगी घड़ी के शोरूम को ही अपना निशाना बनाते थे। जो कि पिछले कई वर्षों से लगातार चेारी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। बता दें कि 10 और 11 अगस्त की रात को चोरों ने ब्रांडेड घडिय़ों के शोरूम को शटर तोड़कर करीब तीन करोड़ की महंगी घडिय़ां चोरी कर ली थीं। इंदिरापुरम के अहिंसा खंड-दो में स्थित साई क्रिएशन शोरूम में करीब तीन करोड़ रुपये की 671 घड़ी चोरी हुई थीं। वारदात को बिहार के मोतिहारी जिले में घोडासहन के चादर गैंग ने अंजाम दिया था। बरामद घडिय़ों की कीमत 46.36 लाख रुपए हैं। संतोष कुमार जयसवाल के खिलाफ उत्तराखंड में दो, राजस्थान में एक और गाजियाबाद में एक, कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। जबकि रोहित कुमार पासवान के विरुद्ध महाराष्ट्र और गाजियाबाद में एक-एक मुकदमा दर्ज हैं। दोनों मूलरूप से चंपारण बिहार के रहने वाले हैं।

फिलहाल संतोष नोएडा के छिजारसी गांव में किराए के कमरे में रह रहा था और रोहित दिल्ली के कापसहेड़ा गांव में रह रहा था। बदमाशों से 13 महंगे ब्रांड की घडिय़ां बरामद की गई हैं। इनमें लॉन्गिंस कंपनी की तीन घडिय़ों की कीमत 6.59 लाख बताई गई है, यानि एक घड़ी की कीमत करीब 2.2 लाख रुपए है। इसके अलावा बरामद घडिय़ां टिसोट, सिटीजन, गेस, बाल्मेन, जीसी, सेइको, वर्साचे, टाइटन, विक्टोरियोनेक्स, बोल्ड, टाइमेक्स, मोवाडो कंपनी हैं। सबसे ज्यादा 42 जी डिस्प्ले गेस कंपनी की हैं और दूसरे नंबर पर टिसोट कंपनी की 24 घडिय़ां बरामद हुई हैं। संतोष उपरोक्त फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित हुआ था। जेल से छूटने के बाद इन लोगों ने पुन: गैंग बनाया जिसमें घोड़ासहन के संतोष, रोहित पासवान, सिराज, जितेन्द्र उर्फ जीतन साहनी, रोशन, राहुल पासवान व सीतामढ़ी का जीतन पासवान तथा नेपाल के सचिन, प्रमोद व आसामी उर्फ संतोष शामिल हैं।