-आबकारी विभाग के राजस्व को चूना लगाने वालों की कुंडली खंगालने में जुटा आबकारी विभाग
-1.5 लाख की शराब और बीयर व मैनेजर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
-बिना लाइसेंस के रेस्टोरेंट में ग्राहकों को खाने के साथ परोस रहे थे शराब
-बिना लाइसेंस शराब परोसना और ओवर रेटिंग करना पड़ेगा, होगी 6 माह की जेल
उदय भूमि
गौतमबुद्ध नगर। जिले में दिवाली का त्योहार सकुशल संपन्न कराने और शराब तस्करों को मुंह के बल गिराने में भले ही आबकारी विभाग की टीम ने सफलता हासिल की हो, मगर देखा जाए तो यह काफी नहीं है और आबकारी अधिकारी भी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे है। जब तक जिले को अवैध शराब के कारोबार और राजस्व के मामले में टॉप टेन में स्थापित नहीं कर दिया जाता है, तब तक यह सब कार्य अधूरा सा है। शराब तस्करों और बिना लाइसेंस के शराब पार्टी करने वाले आयोजक व ओवर रेटिंग के मामले पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए आबकारी अधिकारी का ऑपरेशन प्रहार अभियान अभी भी जारी है। इस अभियान में सभी को लपेटा जा रहा है। जिले में जीरो टॉलरेंस नीति पर आबकारी अधिकारी की टीम काम कर रही है। जिसके लिए टीमें लगातार छापेमारी और दबिश की कार्रवाई को अंजाम देती नजर आ रही है। वहीं आबकारी अधिकारी की सख्ती को देख कर आबकारी विभाग की टीमें भी अपने सरकारी कामकाज को निपटाने के बाद अपने-अपने क्षेत्र में दबिश एवं चेकिंग कर रही है। इन सबके बीच बिना लाइसेंस के शराब पार्टी करने वालों पर भी आबकारी विभाग अपना शिकंजा कसना शुरु कर दिया है।
प्रतिदिन विभाग से लाइसेंस लेकर पार्टी करने वाले रेस्टोरेंट, होटल और बार संचालकों की निगरानी के लिए आबकारी विभाग का मुखबिर तंत्र भी सक्रिय नजर आ रहा है। टीमें भी प्रतिदिन आने वाले ऑकेजनल बार लाइसेंस के लिए आवेदन और बीच-बीच में लेने वाले लाइसेंस की लिस्ट निकाल कर मुखबिर तंत्र को भेज कर वहां की पोल लेते नजर आ रहे है। आबकारी विभाग की टीम ने एक बार फिर से रेस्टोरेंट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.50 लाख की शराब समेत मैनेजर और बार टेंडरों को गिरफ्तार किया है। वहीं रेस्टोरेंट मालिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पकड़ा गया मैनेजर आबकारी विभाग के राजस्व को चूना लगाने के लिए कुछ दिन तो लाइसेंस लेकर शराब पिलाता था और उसी बीच में कभी-कभी बिना लाइसेंस के शराब पार्टी का आयोजन करता था।
रात भी बिना लाइसेंस के मैनेजर रेस्टोरेंट में ग्राहकों को शराब परोस रहा था, जैसे ही इसकी सूचना आबकारी अधिकारी को लगी तो बिना देरी किए तीन इंस्पेक्टरों की संयुक्त टीम गठित की और रेस्टोरेंट पर छापा मारा गया। आबकारी विभाग की फौज को देख मैनेजर के भी होश उड़ गए, क्योंकि उसे भी पता चल गया था कि आबकारी विभाग की इतनी बड़ी फौज को उसकी करतूतों का पता चल गया है। बार, होटल व रेस्टोरेंट के मैनेजर भले ही अपनी करतूतों को छिपाने के लिए लाख जतन करले, मगर आबकारी विभाग की नजर से बचना बेहद ही मुश्किल है। आबकारी अधिकारी की सख्ती का परिणाम है कि जिले में अवैध कार्य में लिप्त तस्कर हो या फिर मैनेजर जेल की हवा खाने को मजबूर है।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही दुकानों पर ओवर रेटिंग रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीमें लगातार गुप्त टेस्ट परचेजिंग कराने के साथ दुकान पर मौजूद ग्राहकों से भी शराब विक्रेता के बारे में फीडबैक लेने का काम किया जा रहा है। सोमवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि थाना 142 स्थित सेक्टर 90 अल्फा थम्ब माल में संचालित धमक रेस्टोरेंट में बिना लाइसेंस के शराब परोसी जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पहले विभागीय लिस्ट की जांच की गई, जिसमें पता चल सके कि आज के दिन कितने लोगों ने और कहां के लिए बार लाइसेंस लिया है। लिस्ट में जब रेस्टोरेंट का नाम नहीं पाया गया तो जांच के लिए आबकारी निरीक्षक डॉ. शिखा ठाकुर, गौरव चन्द और अभिनव शाही की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने थाना 142 की संयुक्त टीम द्वारा सेक्टर 90 स्थित अल्फाथम्ब माल के अन्तर्गत धमक रेस्टोरेंट में पहुंची तो टीम को देख रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया। जब रेस्टोरेंट मैनेजर से शराब पार्टी का लाइसेंस मांगा गया तो वह दिखा नहीं सका।
टीम ने मौके से मदिरा की विभिन्न ब्रांड बिग बेन, बकार्डी वाइट रम, रॉयल स्टैग, सिमरन ऑफ वोडका, जैगरमेस्टर, जैकब्स क्रीक व्हाईट वाइन, जॉन स्टोन, सुला वाइन आदि की 38 बोतलें बरामद की। इसी प्रकार बीयर (कैन) में कॉल्सवर्ग के 500 एमएल के 46 कैन, ट्यूबोर्ग स्ट्रॉन्ग के 48 कैन, किंगफिशर अल्ट्रा मैक्स के 500 एमएल के 21 कैन, बडवाइजर मेगनम के 500 एमएल के 8 कैन बरामद हुए। बीयर (पिंट) में कोरोना के 330 एमएल के 29 पिंट और बडवाइजर स्ट्रॉन्ग के 330 एमएल के 24 पिंट बरामद हुए। बीरा व्हाइट के 330 एमएल की 43 बोतल, बडवाइजर के 330 एमएल की 24 बोतल, कार्ल्सबर्ग स्मूथ के 330 एमएल के 37 केन, हेइनेकेन ऑरिजिनल्स के 500 एमएल के 12 केन, होगार्डन के 330 एमएल की 21 बोतल और किंगफिशर के 650 एमएल की 2 बोतल, इस प्रकार विदेशी मदिरा की 102 बोतल एवं बीयर की केन एवं बोतल मिला कर 315 (कुल 417 बोतल) अथवा 198 बल्क लीटर यूपी मार्का बरामद किया गया।
वहीं मौके से रेस्टोरेंट में मौजूद विशाल कुमार पुत्र विजय पाल पता काशीराम कॉलोनी परिजदगान धरौना जिला अमरोहा, मोहम्मद सकीर हुसैन पुत्र मैसूर अली पता ग्राम भोमा बस्ती पोस्ट चाटिर खटा जिला दार्जिलिंग वेस्ट बंगाल और सोनू अनुरागी पुत्र लल्लू अनुरागी पता सदराई करेला महोबा को गिरफ्तार किया गया। तीनों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया और रेस्टोरेंट संचालक विवेक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया बरामद शराब और बीयर की कीमत करीब 1.50 लाख रुपये है।
ऑकेजनल बार लाइसेंस के नाम पर विभाग को करते थे गुमराह
जांच में पता चला है कि फरार संचालक विवेक विभाग से बीच-बीच में ऑकेजनल बार लाइसेंस लेता था और बीच-बीच में एक-दो दिन बिना लाइसेंस के शराब पार्टी का आयोजन करता था। जब विभाग ने लिस्ट निकाल कर जांच की तो पता चला कि एक माह में करीब 8 से 10 बार धमक रेस्टोरेंट संचालक लाइसेंस लेता था, मगर इस माह उसने पिछले कुछ समय से लाइसेंस नहीं लिया था। आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि बिना लाइसेंस के शराब पार्टी करने वाले संचालकों के खिलाफ आबकारी विभाग ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। टीमें लगातार रेस्टोरेंट, बार और होटल का निरीक्षण करेंगी, साथ ही मुखबिर तंत्र को भी अपनी नजर बनाए रखने के लिए सक्रिय कर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी ने अवैध शराब का कारोबार एवं ओवर रेटिंग और बिना लाइसेंस के शराब परोसने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध शराब का कारोबार जिले में बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा और ना ही ओवर रेटिंग होने दी जाएगी। बिना लाइसेंस शराब परोसने और ओवर रेटिंग और बिना लाइसेंस के शराब परोसने के मामले में पकड़े जाने पर अब कम से कम 6 माह और उससे अधिक 1 वर्ष की सजा होगी। आबकारी विभाग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
















