पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर गाजियाबाद में 26 को होगा हल्लाबोल

गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा एनपीएस में सुधार कर लाई गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू करने की घोषणा से सरकारी कर्मचारी नाराज हैं। अधिकांश कर्मचारी संगठनों ने नई पेंशन योजना यूपीएस का विरोध किया है। कई संगठनों ने केंद्र सरकार का यूपीएस पर नोटिफिकेशन आने से पहले ही विरोध का बिगुल बजा दिया है। बड़े कर्मचारी संगठनों ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर यूपीएस का विरोध जताया है। अटेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कर्मचारियों से ओपीएस बहाली के लिए और एनपीएस/यूपीएस के विरोध में दो सितंबर से छह सितंबर तक काली पट्टी बांधकर काम करने का आह्वान किया था। अब एनएमओपीएस द्वारा 26 सितंबर को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पुरानी पेंशन की मांग के लिए और एनपीएस और यूपीएस के विरोध के लिए अटेवा ने रणनीति तैयारी तेज कर दी है।

गाजियाबाद जिला अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया 26 सितंबर को जिले में होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। विद्यालय परिवार के सभी साथियों से अपील करते हुए कहा कि गुरुवार दोपहर अंबेडकर पार्क नवयुग मार्केट से कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली जाएगी। पुरानी पेंशन की मांग के लिए और एनपीएस और यूपीएस के विरोध में अटेवा का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। आप सभी रैली में सहभागिता करें और पुरानी पेंशन की मांग को और मजबूती प्रदान करें। इस रैली का आयोजन पूरे देश में हर कलेक्ट्रेट पर एक साथ एक ही समय पर किया जा रहा है। जिसमें सभी लोग शामिल होकर रैली को सफल बनाए। पुरानी पेंशन की लड़ाई के लिए सभी को एकजुट होने की जरुरत है। साथियों पुरानी पेंशन का मुद्दा हम सबके लिए अति महत्वपूर्ण है अत: आप सभी इस रैली में शामिल हो और सरकार तक इस संदेश को पहुंचाएं कि हम सरकारी कर्मचारी ना तो एनपीएस से खुश थे और ना यूपीएस से खुश हैं।

अटेवा की इस लड़ाई में बेसिक शिक्षकों के साथ-साथ माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक, उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के साथी, राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, पीडब्लूडी नियमित वर्क चार्ज कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश गाजियाबाद , उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, टीचर सेल्फ केयर टीम, फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे, दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश प्रयोगशाला लैब टेक्नीशियन संघ, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने भी अपना समर्थन किया है।