अब नहीं होगा जलभराव: 9 नए नालों से बरसात में मिलेगा राहत का रास्ता

– जलभराव से दिलाई जाएगी निजात, बरसात से पहले 9 प्रमुख नालों का निर्माण कार्य तेजी से जारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आगामी बरसात में शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिलने वाली है। नगर निगम ने मानसून से पहले ही कमर कस ली है और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी को दुरुस्त करने के लिए 9 प्रमुख नालों के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में इस महत्वपूर्ण अभियान को अंजाम दिया जा रहा है। उनका दावा है कि इस बार गाजियाबाद में जलभराव की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। नगर निगम द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य शहर के संवेदनशील इलाकों में समय रहते जल निकासी की सुविधा सुनिश्चित करना है।

नगर आयुक्त के अनुसार, निगम ने शहर के उन क्षेत्रों की पहचान की है, जहां हर साल बरसात के मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आती है। इसी आधार पर पांचों जोन क्षेत्रों में नालों के निर्माण की योजना बनाई गई है। इन सभी कार्यों की निगरानी स्वयं नगर आयुक्त एवं महापौर सुनीता दयाल द्वारा की जा रही है। विजयनगर जोन में दो, मोहननगर जोन में चार, वसुंधरा, कविनगर और सिटी जोन में एक-एक प्रमुख नाले का निर्माण किया जा रहा है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि 15वें वित्त आयोग की निधि से यह समस्त निर्माण कार्य किया जा रहा है।

इन इलाकों में हो रहा नालों का निर्माण
विजयनगर जोन में वार्ड-25 के विजयनगर बाईपास से राठी मिल रोड पर बालाजी स्वीट्स तक आरसीसी नाले का निर्माण हो रहा है, जबकि वार्ड-15 में संतोष मेडिकल तिराहा से आंबेडकर पार्क तक नाला तैयार किया जा रहा है। मोहननगर जोन में वार्ड-28 में मोहन नगर मंदिर के सामने कटोरी मिल तक, वार्ड-64 में एयरफोर्स स्टेशन की बाउंड्रीवाल से सिकंदरपुर होते हुए वजीराबाद रोड तक, वार्ड-38 में अर्थला आनंद इंडस्ट्रियल एरिया से बंसल वायर तक और वार्ड-73 में एकता पुलिया से सर्वोदय पब्लिक स्कूल तक रिटेनिंग वॉल का कार्य जारी है। वसुंधरा जोन के वार्ड-54 में कनवानी पुलिया से वसुंधरा सेक्टर-1 के कट तक, कविनगर जोन के वार्ड-46 में दुहाई औद्योगिक क्षेत्र से पांचाल धर्म कांटे तक और सिटी जोन के वार्ड-50 में नूरनगर के जया मेडिकल स्टोर से करेला मार्केट तक आरसीसी नाले का निर्माण किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इन 9 नालों के निर्माण के बाद बरसात के दिनों में पानी की निकासी आसान हो जाएगी और जलभराव की स्थिति पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम पूरी तरह से सतर्क है और जिन क्षेत्रों में अभी भी जलभराव की आशंका है, उन्हें भी चिन्हित कर जल्द ही समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की ओर गाजियाबाद
नगर निगम की यह योजना गाजियाबाद को जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। समय रहते इन निर्माण कार्यों के पूरा हो जाने से न केवल यातायात बाधित होने से बचेगा, बल्कि नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी निजात मिलेगी। नगर निगम की यह मुहिम शहर की बुनियादी संरचना को मजबूती देने के साथ-साथ गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी की राह पर और आगे ले जाती दिख रही है।