-स्मार्ट, हरित और सुरक्षित टाउनशिप की दिशा में जीडीए की बड़ी पहल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम योजना पर तेजी से कम हो रहा है। योजना की डीपीआर तैयार करने के लिए जल्द कंसलटेंट की नियुक्ति की जाएगी। बुधवार को जीडीए सभागार में तीन नामी कंसल्टेंट कंपनियों ने जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के समक्ष डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को लेकर विस्तृत प्रजेंटेशन दिया। इस दौरान जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, मुख्य नगर नियोजक अरविंद कुमार, प्रभारी चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता आलोक रंजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। हरनंदीपुरम योजना जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की महत्वकांक्षी योजना है, इस योजना से गाजियाबाद को नई पहचान मिलेगी। योजना को हाईटेक स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के साथ ही उसमें हरियाली का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा।
बुधवार को जीडीएस सभागार में मैसर्स एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स व्येंटस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स ट्रैक्टबल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रजेंटेशन दिया। इन सभी प्रतिभागी कंपनियों ने योजना के विभिन्न पहलुओं पर अपनी-अपनी रणनीति और दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। जिसमें हरनंदीपुरम को हरित, सुलभ, सुरक्षित और आधुनिक टाउनशिप के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि कंपनियों के प्रस्तावों में ग्रीन जोन का प्रतिशत, सड़कों का नेटवर्क, कॉमर्शियल बेल्ट, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स, ऊर्जा प्रबंधन तथा महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। प्रेजेंटेशन का आंकलन मुख्य रूप से पांच बिंदुओं पर किया जाएगा। इनमें परियोजना की गहराई से समझ और कार्य योजना और पद्धति, अवधारणा प्रस्ताव, उत्पाद संयोजन एवं जोनिंग रणनीति, प्रस्तावित आधारभूत संरचना सेवाएं और टाउनशिप में प्रस्तावित नवाचार शामिल हैं। हरनांदीपुरम योजना गाजियाबाद के लिए गेमचेंजर साबित होगा। योजना में आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ व्यापार, रोजगार और आधुनिक जीवनशैली को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
हरनंदीपुरम में मिलेगा सब कुछ
हरनंदीपुरम योजना केवल एक रिहायशी टाउनशिप नहीं, बल्कि एक संतुलित और समग्र विकास का मॉडल बनने जा रही है। जहां लोगों को आवासीय प्लॉट्स के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त कमर्शियल दुकानों की भी सुविधा मिलेगी। इससे यह क्षेत्र न सिर्फ रहने के लिए बल्कि व्यापार और रोजगार के अवसरों के लिहाज़ से भी गाजियाबाद का नया आकर्षण केंद्र बनेगा।
मेट्रो-नमो भारत से जुड़ेगा हाईटेक शहर
हरनंदीपुरम योजना को मेट्रो, नमो भारत ट्रेन, सशक्त सड़क नेटवर्क और एयरपोर्ट जैसी आधुनिक कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे यह क्षेत्र गाजियाबाद का सबसे प्रमुख और विकासशील हब बन जाएगा। जीडीए का मानना है कि जैसे ही यह योजना पूरी होगी, गाजियाबाद का एक नया और समृद्ध चेहरा सामने आएगा, जो दिल्ली-एनसीआर में नई शहरी बसावट के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगा, और इसे शहरी विकास के क्षेत्र में एक नई मिसाल के रूप में देखा जाएगा।
गाजियाबाद को मिलेगा नया मुकाम
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स का कहना है कि हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद की दिशा और दशा दोनों बदलने की ताकत रखती है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा शहर बसाना है जो हरित, सुरक्षित, स्मार्ट और भविष्य के अनुरूप हो। यह योजना न केवल लोगों को रहने के लिए बेहतर विकल्प देगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए द्वार भी खोलेगी। जीडीए पूरी पारदर्शिता और प्रोफेशनलिज्म के साथ इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।


















