‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा है-नियम पालन से ही सुरक्षित लौटते हैं अपने घर ‘
-नियम मानने वालों को मिला सम्मान, उल्लंघनकर्ताओं को मिली सीख-एसीपी की नेतृत्व क्षमता और मानवीय कार्यशैली रही मुख्य आकर्षण
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ के मार्गदर्शन में जिले में चल रहे यातायात माह-2025 को प्रभावी बनाने के लिए पूरी पुलिस टीम सक्रिय है, लेकिन इनमें सबसे अलग पहचान नंदग्राम की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) उपासना पाण्डेय ने बनाई है। उनकी नेतृत्वशैली, संवेदनशीलता और सख्त-नरम दोनों तरह के संतुलित व्यवहार ने सड़क सुरक्षा अभियान को नई दिशा दे दी है।
शनिवार रात राजनगर एक्सटेंशन चौराहा जागरूकता और अनुशासन का केंद्र बन गया। नंदग्राम थाना क्षेत्र की डिजिटल वॉलंटियर फोर्स (डीवीएफ) और यातायात पुलिस कमिश्नरेट ने संयुक्त रूप से एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया, जिसकी हर किसी ने सराहना की। अभियान के दौरान एसीपी उपासना पांडे ने लोगों से संवाद करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेना किसी बहादुरी का प्रमाण नहीं, बल्कि अपनी और अपनों की जान को खतरे में डालने जैसा है। उन्होंने हेलमेट, सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट और ओवरलोडिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा एक छोटी सी लापरवाही सड़क पर जिंदगी खत्म कर देती है, और घरों को उजाड़ देती है।
नियम पालन आदत नहीं, जिम्मेदारी है। उनकी बातों का लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा और कई लोग तुरंत हेलमेट लगाकर तथा सीट बेल्ट ठीक करके आगे बढ़ते दिखे। राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर सबसे प्रभावी अभियान-पुलिस और जनता दोनों की सक्रिय भागीदारी अभियान के तहत चौराहे पर रुकने वाले हर वाहन चालक को नियम पालन के महत्व से अवगत कराया गया। नियम मानने वालों को फूल और फ्रूटी देकर सम्मानित किया गया, जिससे लोगों में जागरूकता का सकारात्मक माहौल बना। वहीं नियम तोडऩे वालों को चालान के साथ विस्तार से समझाया गया कि उनका उल्लंघन किस तरह दुर्घटनाओं की वजह बन सकता है।
सहानुभूति और सख़्ती का अद्भुत मिश्रण
इस अभियान की पूरी जान रही एसीपी उपासना पाण्डेय की कार्यशैली रही। वे चौराहे पर स्वयं जाकर हर वाहन चालक से संवाद करती रहीं। महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों—हर वर्ग से सहजता से बात कर ट्रैफिक नियमों का महत्व समझाया। बच्चों के साथ विशेष रूप से हेलमेट व सीट बेल्ट को लेकर संवाद उनके मानवीय चेहरे को दर्शाता है। वहीं नियम तोडऩे वालों के प्रति वे उतनी ही सख्ती से पेश आईं और स्पष्ट चेतावनी भी दी। जनता ने उनकी कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी सड़क सुरक्षा को सच में जनआंदोलन बना सकते हैं। अभियान में कविनगर एसीपी सूर्यबली मौर्य भी पहुंचे और टीम की हौसला अफजाई की। इसके अलावा मैदान में सक्रिय रहे। इंडियन रेड क्रॉस गाजियाबाद के सभापति सुभाष गुप्ता, थाना प्रभारी नंदग्राम उमेश कुमार, यातायात निरीक्षक जे.एस. पाठक, मनवीर सिंह, डीवीएफ कोऑर्डिनेटर अंकित गुप्ता और पूरी डीवीएफ टीम ने मिलकर व्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन, पम्पलेट वितरण, जागरूकता संदेशों और वाहन चालकों की सहायता में उत्कृष्ट भूमिका निभाई।
अभियान का उद्देश्य-सड़क सुरक्षा को आदत बनाना
इस अभियान का लक्ष्य स्पष्ट था: सड़क सुरक्षा नियमों को दैनिक जीवन में उतारना, नागरिकों को यह समझाना कि नियमों का पालन जीवन रक्षा का पहला कदम है। ट्रैफिक अनुशासन को सामाजिक जिम्मेदारी बनाना है। अभियान के चलते कई लोगों ने स्वयं स्वीकार किया कि वे आगे से बिना हेलमेट नहीं चलेंगे, सीट बेल्ट लगाएंगे और स्पीड लिमिट का पालन करेंगे। यह इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
यातायात माह-2025: नंदग्राम बना मॉडल क्षेत्र
एसीपी उपासना पाण्डेय की पहल और टीम की सक्रियता के कारण नंदग्राम क्षेत्र अब यातायात माह-2025 का मॉडल ज़ोन बनकर उभरा है। यह अभियान न सिर्फ पुलिस बल्कि आम नागरिकों को भी ट्रैफिक अनुशासन की ओर प्रेरित कर रहा है।

















