• दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का एक लेन कांवडिय़ों के लिए आरक्षित
• शिवभक्तों के निर्बाध आवागमन हेतु कमिश्नरेट पुलिस का मास्टर प्लान तैयार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन के रंग में पूरी तरह रंग चुका है, और जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुँच रही है, वैसे-वैसे शिवभक्तों का सैलाब भी सड़कों पर उमड़ रहा है। ऐसे में एक ओर जहां श्रद्धा की गूंज “हर हर महादेव” से वातावरण को भक्तिमय बना रही है, वहीं दूसरी ओर गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस प्रशासन पूरी संजीदगी से इस ऐतिहासिक यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए पुलिस ने एक बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की मेरठ से दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क को पूरी तरह कांवड़ यात्रियों के लिए सुरक्षित कर दिया गया है। यह निर्णय न केवल शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए अहम है, बल्कि प्रशासनिक सतर्कता और संवेदनशीलता का भी प्रमाण है। इस पूरी योजना की कमान एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानन्द बर्नवाल ने स्वयं अपने हाथों में ले ली है।
उन्होंने ना केवल स्थिति का आकलन किया है, बल्कि निजी नेतृत्व में यातायात नियंत्रण और कांवडिय़ों के संचालन की रणनीति को लागू भी कर दिया है। सच्चिदानन्द बर्नवाल की कार्यशैली में निर्णय क्षमता, जमीनी समझ और संवेदनशीलता का ऐसा समावेश है, जो उन्हें एक कर्मठ और व्यावहारिक पुलिस अधिकारी बनाता है। श्री बर्नवाल ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामूहिक जनभावना की अभिव्यक्ति है, और इसे सहजता से सम्पन्न कराना प्रशासन का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद सीमा से गुजरने वाले हर शिवभक्त की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जहां एक ओर पूरी सतर्कता बरती जा रही है, वहीं मेरठ रोड कांवड़ मार्ग पर अतिरिक्त फोर्स, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्थाएं भी कर दी गई हैं।
गौरतलब है कि श्री बर्नवाल न केवल फील्ड में रहकर स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, बल्कि ट्रैफिक पुलिस की पूरी टीम को यह स्पष्ट संदेश दे चुके हैं कि “कांवडिय़ों की सेवा ही इस समय सबसे बड़ा धर्म है।” उन्होंने सख्ती और सहयोग का ऐसा संतुलन स्थापित किया है, जिससे ना तो आमजन को असुविधा हो रही है और ना ही श्रद्धालुओं के मार्ग में कोई अवरोध उत्पन्न हो रहा है। शिवभक्तों की सुविधा हेतु ट्रैफिक सिग्नल्स से लेकर मार्ग संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग से लेकर रात्रिकालीन प्रकाश तक हर बिंदु पर श्री बर्नवाल की निगरानी में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उनकी यही कार्यशैली उन्हें भीड़ प्रबंधन के क्षेत्र में एक विशिष्ट उदाहरण बनाती है। कांवड़ यात्रा की सुगमता को लेकर इस बार की रणनीति और प्रशासनिक फुर्ती एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रही है, जिसमें अधिकारी केवल आदेश देने वाले नहीं, बल्कि मैदान में उतरकर नेतृत्व करने वाले बन गए हैं। एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानन्द बर्नवाल की अगुवाई में कांवड़ मार्ग ना केवल सुरक्षित हो रहा है, बल्कि श्रद्धा और व्यवस्था का ऐसा समन्वय बन रहा है जो आने वाले वर्षों के लिए मिसाल बनेगा।
















