-खुशियों का त्योहार हो स्वच्छ और सुरक्षित, पटाखों और प्रदूषण से दूर: संदीप शुक्ला
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दीपों और खुशियों के इस पावन पर्व दीवाली के अवसर पर ट्रांस हिंडन बिल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने नागरिकों से प्रदूषण रहित और सुरक्षित दीवाली मनाने की विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि दीवाली केवल रौशनी और उल्लास का त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक अवसर है जब हमें अपने पर्यावरण, स्वास्थ्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। शहर में बढ़ते प्रदूषण और पटाखों के चलते पर्यावरण में भारी प्रभाव पड़ रहा है। संदीप शुक्ला ने कहा कि दीवाली के दिन अक्सर लोग उत्साह में आकर पटाखे फोड़ते हैं, लेकिन इस परंपरा से वातावरण प्रदूषित होता है और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि पटाखों से परहेज करते हुए मिठाइयों और उपहारों के माध्यम से खुशियां बांटी जाएं, ताकि पर्यावरण संतुलित रहे और हम सभी स्वस्थ जीवन जी सकें। संदीप शुक्ला ने बताया कि दीवाली का पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। इसलिए इस अवसर पर हमें समाज के कमजोर और गरीब वर्ग के जीवन में खुशियां भरने का प्रयास भी करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपने घरों और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाएंगे, तो दीवाली का असली आनंद सभी तक पहुंचेगा। ट्रांस हिंडन बिल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने नागरिकों से विशेष रूप से यह भी कहा कि कचरा जलाने और अवैध रूप से पटाखे फोडऩे जैसी गतिविधियों से बचें। उन्होंने कहा कि कई जगहों से शिकायतें आती हैं कि लोग दीवाली पर कचरा जलाते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है और स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इस वर्ष संकल्प लें कि अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखेंगे। संदीप शुक्ला ने कहा कि दीवाली पर सरकार की गाइडलाइन का पालन करना बेहद जरूरी है। पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध है और नागरिकों को इसके नियमों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुशियों को फैलाने का सबसे अच्छा तरीका है एक-दूसरे के साथ उपहार और मिठाई बांटना, न कि पटाखों से प्रदूषण फैलाना।
इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की कि वे स्वच्छ भारत मिशन में सहयोग करें और अपने वार्ड, मोहल्ला और पड़ोस को स्वच्छ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि शहर के प्रदूषण को कम करने के लिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह दीपावली के समय कचरा जलाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से दूर रहे। संदीप शुक्ला ने यह भी कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित दीवाली केवल व्यक्तिगत प्रयास से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समाज को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घरों, स्कूलों और कार्यस्थलों में भी यह संदेश फैलाएं कि पर्यावरण के प्रति सजग रहना हमारी जिम्मेदारी है। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित और प्रदूषण रहित दीवाली केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना के लिए भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ वातावरण में ही हम खुशहाल जीवन जी सकते हैं और आने वाली पीढिय़ों को भी एक सुरक्षित और स्वच्छ शहर सौंप सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों से दो संदेश दिए: पहला, अपने घरों और मोहल्लों में स्वच्छता बनाए रखें, और दूसरा, दीवाली के अवसर पर खुशियों और प्रकाश का उत्सव मनाएं, लेकिन पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए। संदीप शुक्ला ने अंत में कहा कि दीवाली की खुशियों का असली महत्व तभी है जब हम इसे दूसरों के साथ साझा करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। इसलिए इस वर्ष दीवाली को प्रदूषण रहित, सुरक्षित और सभी के लिए आनंददायक बनाने का संकल्प लें। इस प्रकार, ट्रांस हिंडन बिल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की पहल और संदीप शुक्ला के संदेश ने गाजियाबाद के नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और खुशहाल दीवाली मनाने की प्रेरणा दी, जिससे न केवल त्योहार की रौनक बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी मजबूत होगी।

















