-निर्माण श्रमिकों को श्रम विभाग की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने पर जोर
-सभी विभागों को समयबद्ध उपकर संग्रहण एवं श्रमिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जिला श्रम बंधु समिति की बैठक जिलाधिकारी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सौरभ भट्ट की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन उप श्रम आयुक्त अनुराग मिश्र द्वारा किया गया। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों, कार्यदायी संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अपर जिलाधिकारी सौरभ भट्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण स्थल पर ठेकेदार या बिल्डर द्वारा श्रमिकों को तभी कार्य पर रखा जाए जब उनका श्रम विभाग में विधिवत पंजीकरण हो चुका हो। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का पंजीकरण कराना न केवल उनके अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं अपने निर्माण स्थलों पर श्रमिकों का पंजीयन ठेकेदारों के माध्यम से सुनिश्चित कराएं ताकि कोई भी श्रमिक इन योजनाओं से वंचित न रहे। उप श्रम आयुक्त अनुराग मिश्र ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय माह में अब तक कुल 3930 अधिष्ठान पंजीकरण एवं 3536 श्रमिक पंजीकरण किए गए हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि उपकर पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग की प्रक्रिया जारी है और अब तक 30 प्रतिशत उपकर संग्रहण किया जा चुका है। इस पर अध्यक्ष महोदय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग एवं कार्यदायी संस्थाएं उपकर संग्रहण की जानकारी समय से श्रम विभाग को उपलब्ध कराएं, जिससे निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिक पंजीयन के कार्य में नगर निगम, आवास विकास परिषद, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग आदि सभी विभागों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने पंजीकृत ठेकेदारों को बीओसीडब्ल्यू (बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स बोर्ड) की पंजीकरण प्रक्रिया से अवगत कराएं और शत-प्रतिशत श्रमिक पंजीकरण सुनिश्चित कराएं। साथ ही, सभी विभागों को उपकर की धनराशि समय पर बोर्ड के खाते में जमा कराने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में श्रमिक पंजीकरण शिविरों के आयोजन पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माणाधीन स्थलों और लेबर अड्डों पर आयोजित होने वाले शिविरों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि अधिक से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो सकें।
श्री भट्ट ने यह भी कहा कि श्रमिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए निर्माण स्थलों पर श्रम विभाग की योजनाओं के बैनर और होर्डिंग लगाए जाएं, जिससे योजनाओं का प्रचार-प्रसार हो सके और अधिकाधिक श्रमिक लाभान्वित हों। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाएं श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं ट्रेड यूनियनों से अपील की कि वे श्रमिकों के पंजीयन कार्य में पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गाजियाबाद जनपद में कोई भी निर्माण श्रमिक अपंजीकृत न रहे।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों में अयान जैन (आईएएस प्रोवेशनर), एस.पी. मिश्रा (मुख्य अभियंता, नगर निगम), पी.के. शर्मा (अधिशासी अभियंता, जीडीए), एस.एस. भारद्वाज (अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग), अरुण प्रताप सिंह (अधिशासी अभियंता, उ.प्र. जल निगम), वीरेन्द्र कुमार (सहायक श्रम आयुक्त), विनीता सिंह (सहायक श्रम आयुक्त), समस्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी, अनिल गिरी (महामंत्री, हिंद मजदूर सभा), विजेंद्र कुमार (भारतीय मजदूर संघ) सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर अपर जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों का कल्याण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए विभागों, संस्थाओं तथा ठेकेदारों का संयुक्त प्रयास आवश्यक है। उन्होंने सभी को श्रमिकों के हित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
















