गुलधर-नूरनगर में 10 हजार वर्गमीटर में तोड़ी गई दो अवैध कॉलोनियां, दुकानों पर चला बुलडोजर

-बिना अनुमति हो रहे निर्माण पर चला जीडीए का बुलडोजर, सड़क, बाउंड्री वॉल, साइट ऑफिस और दुकानें भी ध्वस्त, विरोध करने वालों को पुलिस ने खदेड़ा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मंगलवार को अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुलधर और नूरनगर इलाके में लगभग 10 हजार वर्गमीटर में फैली दो कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही अवैध रूप से बनाई गई दुकानों को भी बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया। यह कार्रवाई जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर की गई, जिन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति बने किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रवर्तन जोन-1 के प्रभारी अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में सहायक अभियंता रूद्रेश शुक्ला, अवर अभियंता सीपी शर्मा और महेंद्र कुमार की टीम के साथ जीडीए पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। ग्राम गुलधर के खसरा संख्या-85 पर मनोज त्यागी द्वारा संस्कार स्कूल के पास लगभग 4000 वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी, जिसे ध्वस्त किया गया। वहीं, मोरटा के हमतुम रोड, राजनगर एक्सटेंशन स्थित खसरा संख्या-1227 पर विकास त्यागी व विपिन त्यागी द्वारा बनाई जा रही दुकान को भी तोड़ा गया।

विकास त्यागी उर्फ भोलू द्वारा खसरा संख्या-1224 पर बन रही दुकान और कार्यालय के लिए दीवारों का निर्माण हो रहा था, जिसे मौके पर गिराया गया। श्यामलाल त्यागी द्वारा सद्दीकनगर के खसरा संख्या-485 में लगभग 500 वर्गमीटर में व्यवसायिक निर्माण किया जा रहा था। इसी तरह शौकी चौधरी द्वारा ग्राम नूरनगर के खसरा संख्या-225 पर लगभग 6000 वर्गमीटर में कॉलोनी काटी जा रही थी, जहां प्लॉटों की बाउंड्री वॉल, सड़कें, साइट ऑफिस और अन्य निर्माण कार्य चल रहे थे।

जीडीए की टीम ने इन्हें पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय विकासकर्ताओं और कॉलोनाइजरों ने विरोध भी किया, लेकिन जीडीए पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया और अवरोधक तत्वों को मौके से हटाया। जोन-1 के प्रभारी ने सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में भी बिना अनुमति किसी भी निर्माण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और अनाधिकृत कॉलोनियों को किसी भी हाल में विकसित नहीं होने दिया जाएगा।