2 सप्ताह तक अदालतों में काम-काज पर रोक
इस्लामाबाद। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 (कोरोना वायरस) पर बेहतर तरीके से नियंत्रण पाने के लिए कुछ दिन पहले पाकिस्तान की जमकर प्रशंसा की थी। इसके उलट पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण अब बेकाबू होता नजर आ रहा है। कोरोना ने वहां की न्यायिक व्यवस्था को भी बेपटरी कर दिया है। राजधानी इस्लामाबाद में कुछ न्यायाधीश और कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसके बाद 11 अदालतों को आनन-फानन में सील करना पड़ा है। कुछ अधिवक्ता भी कोरोना की चपेट में आए हैं। बार एसोसिएशन की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि 11 न्यायाधीश और कर्मचारी संक्रमित पाए गए हैं। इसलिए अदालतें अगले 2 सप्ताह तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार सील की गई कोर्ट में 3 कोर्ट अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीशों की हैं। इनके अतिरिक्त एक वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश और 7 सिविल न्यायाधीशों की कोर्ट को संक्रमण की वजह से सील किया गया है। इस्लामाबाद बार एसोसिएशन के सचिव नबील ताहिर मिर्जा ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायालय के अंतर्गत 70 अदालतें कार्यरत हैं, जिनमें से 11 कोर्ट को 12 न्यायाधीशों और कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सील कर दिया गया है। पाकिस्तान में कोरोना वायरस के कुल 3 लाख 32 हजार 186 केस प्रकाश में आ चुके हैं। सैकड़ों की संख्या में मरीजों की मौत हो चुकी है। देशभर में वीरवार को कुल 1055 नए मरीज मिले थे। बता दें कि कुछ दिन पहले डब्ल्यूएचओ ने पाकिस्तान की यह कहकर तारीफ की थी कि इस्लामाबाद ने कोरोना को कंट्रोल करने में अच्छा काम किया है। डब्ल्यूएचओ के इस बयान के कई मायने निकाले गए थे। फिलहाल पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण कंट्रोल से बाहर होता दिखाई दे रहा है। वहां कोरोना प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन नहीं हो रहा। मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग जैसे जरूरी नियमों के प्रति नागरिक बेपरवाह हैं।















