यूपी की ब्यूरोक्रेसी को मिला नया सेनापति: एसपी गोयल बने मुख्य सचिव, संजय प्रसाद की जिम्मेदारियां बढ़ी

-मनोज कुमार सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद वरिष्ठता के आधार पर मिला दायित्व, 2027 तक रहेगा कार्यकाल
-मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे तक अब एसपी गोयल के जिम्मे बड़ी ज़िम्मेदारियाँ

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शशि प्रकाश गोयल (एसपी गोयल) को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया है। मौजूदा मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के रिटायरमेंट के बाद उन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया गया, और उनकी जगह 1989 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी एसपी गोयल ने ले ली है। गोयल वर्तमान में प्रदेश के सबसे सीनियर अफसर हैं, और अब वह मुख्य सचिव की कुर्सी तक पहुंच चुके हैं। एसपी गोयल पिछले करीब 8 वर्षों से मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे। वे लोक भवन पहुंच चुके हैं और कुछ ही देर में कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। उनकी छवि एक मजबूत प्रशासक के रूप में स्थापित है और यूपी की ब्यूरोक्रेसी में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। एसपी गोयल को करीब 18 महीनों का कार्यकाल मिल रहा है, क्योंकि उनका रिटायरमेंट जनवरी 2027 में प्रस्तावित है। ऐसे में यदि सेवा विस्तार नहीं हुआ, तो 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तक वह मुख्य सचिव पद पर रहेंगे। आने वाले डेढ़ साल में सरकारी योजनाओं की ज़मीन पर डिलीवरी, विकास कार्यों की प्रगति, और चुनावी तैयारियों में प्रशासनिक धार बनाए रखने की अहम ज़िम्मेदारी उन्हीं के पास रहेगी। प्रदेश सरकार के दो सबसे बड़े प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे इसी साल पूरे होने हैं। अब इन परियोजनाओं को समय से पूरा कराने की जिम्मेदारी भी एसपी गोयल को दी गई है। इसके अलावा आगामी पंचायत चुनाव और राज्य में प्रमुख योजनाओं की गति सुनिश्चित करना भी गोयल के कार्यकाल की प्राथमिकता रहेगी।

इन विभागों की बागडोर भी सौंपी गई
मुख्य सचिव बनने के साथ ही एसपी गोयल को इन अहम जिम्मेदारियों का भी प्रभार सौंपा गया है:
• अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त
• अपर मुख्य सचिव समन्वय विभाग
• अध्यक्ष, पिकप
• सीईओ, यूपीडा
• प्रोजेक्ट डायरेक्टर, यूपीडास्प

संजय प्रसाद को मिली एसपी गोयल की पुरानी जिम्मेदारियाँ
एसपी गोयल की मुख्यमंत्री कार्यालय से विदाई के बाद उनकी जिम्मेदारियाँ अब संजय प्रसाद को दे दी गई हैं। संजय प्रसाद के पास पहले ही गृह, गोपन, प्रोटोकॉल, बीजा-पासपोर्ट, सतर्कता और सूचना विभाग था, अब उन्हें राज्य संपत्ति और नागरिक उड्डयन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

ज़िला प्रशासन से लेकर शासन के शीर्ष तक की यात्रा
एसपी गोयल ने अपने करियर की शुरुआत बतौर मजिस्ट्रेट की थी। इसके बाद वह कई ज़िलों में जिलाधिकारी रह चुके हैं और फिर प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव जैसे शीर्ष पदों तक पहुंचे। आज उन्होंने प्रदेश की नौकरशाही की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठकर साबित किया है कि अनुभव, योग्यता और प्रशासनिक कुशलता का कोई विकल्प नहीं होता।