आदर्श पब्लिक स्कूल के रक्षित दुबे ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर रचा सफलता का नया इतिहास

  • रक्षित दुबे ने सीए और सिविल सर्विस की तैयारी का लिया संकल्प, परिवार में हर्ष का माहौल, बास्केटबॉल और क्रिकेट में भी दिलचस्पी

उदय भूमि संवाददाता

नई दिल्ली। आदर्श पब्लिक स्कूल, सी ब्लॉक, नई दिल्ली के विद्यार्थियों ने इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्कूल के एक और होनहार छात्र रक्षित दुबे ने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। इस सफलता ने पूरे विद्यालय को गर्वित कर दिया है और यह अन्य विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है।
रक्षित दुबे के पिता अशोक दुबे, माता सुधा दुबे और परिवार के अन्य सदस्य इस सफलता से बेहद खुश हैं। रक्षित का कहना है कि उनका यह सफर कठिन था, लेकिन परिवार और शिक्षकों के समर्थन ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। उनका कहना है, मेरे माता-पिता का स्नेह और मार्गदर्शन मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि इस उपलब्धि के बाद उनका अगला लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और सिविल सर्विस की परीक्षा की तैयारी करना है। रक्षित का मानना है कि एक अच्छा पेशेवर बनने के लिए सिर्फ अच्छे अंक ही नहीं, बल्कि समय प्रबंधन, लगन, और सकारात्मक मानसिकता भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में उनका सपना है कि वह अपने देश की सेवा करें और समाज में बदलाव लाने में अपना योगदान दें। रक्षित के इस संकल्प ने विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी उत्साहित किया है और उन्हें अपनी मेहनत से इसी तरह के परिणाम हासिल करने के लिए प्रेरित किया है। रक्षित दुबे को बास्केटबॉल और क्रिकेट खेलने का भी बहुत शौक है। वह मानते हैं कि एक अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए भी उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है जितनी पढ़ाई में। रक्षित का यह जुनून और उनके जीवन के प्रति समर्पण ही उन्हें और भी उच्चतम स्थानों तक ले जाएगा। उनकी सफलता ने यह साबित किया कि अगर कोई अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और निष्ठा से काम करता है, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रहता। विद्यालय में रक्षित की सफलता की खबर से खुशी की लहर दौड़ गई है।

स्कूल के शिक्षकों और प्रधानाचार्य ने भी रक्षित की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके स्कूल की शिक्षा पद्धति और विद्यार्थियों के सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। विद्यालय के प्रबंधन ने भी रक्षित के माता-पिता को उनके बेटे की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह आने वाले दिनों में कई और ऐसे विद्यार्थियों को देखने की उम्मीद रखते हैं, जो अपने प्रयासों से ऊँचाइयों तक पहुँचें। इस सफलता के साथ ही रक्षित दुबे ने यह सिद्ध कर दिया कि एक विद्यार्थी का समर्पण और मेहनत ही उसे सफलता की मंजिल तक पहुँचाती है। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से यह साबित कर दिया कि सपने बड़े देखने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करनी चाहिए।