मतदाता सूची होगी त्रुटिरहित, जिला निर्वाचन अधिकारी ने कसी लगाम

  • 100 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं का घर-घर होगा सत्यापन
  • 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथ होंगे विभाजित, किसी मतदाता को नहीं करनी पड़ेगी लंबी दूरी
  • जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में सोमवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक का विषय था मतदेय स्थलों में अनुभागों का सृजन और मतदाता सूची में सुधार। इसमें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने साफ कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का हर हाल में अनुपालन होना चाहिए। मतदाता सूची को शत—प्रतिशत सही बनाने की दिशा में पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही हो। उन्होंने एनजीएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, मतदाता सूची में त्रुटियों के संशोधन, 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के घर—घर जाकर सत्यापन और 1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों के सम्भाजन पर जोर दिया। निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि एनजीएस पोर्टल पर दर्ज सभी शिकायतों का व्यक्तिगत रूप से निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी निस्तारण करेंगे। निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से मोबाइल पर वार्ता कर समाधान की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि कई बार वीआरसी ऑपरेटर द्वारा गुणवत्तापरक निस्तारण न होने के कारण शिकायतें री-ओपन हो जाती हैं, जिससे प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। अब आईजीआरएस पोर्टल की तरह ही एसओपी का पालन करते हुए एनजीएस पोर्टल की शिकायतें निपटाई जाएंगी। बैठक में जोर देकर कहा गया कि मतदाता सूची में मौजूद सभी त्रुटियों को तत्काल सुधारा जाए। जिन मतदाताओं की फोटो धुंधली या खराब है, उन्हें दुरुस्त कराया जाए। मृत अथवा शिफ्टेड मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएं और जिनकी आयु गलत दर्ज है, उनका सत्यापन कर फॉर्म भरवाकर संशोधन किया जाए। निर्वाचन अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं का भौतिक सत्यापन बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर किया जाए। 10 सितंबर 2025 तक इसका प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। सत्यापन के दौरान मृत अथवा शिफ्टेड मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। जिन बूथों पर 1200 से अधिक मतदाता हैं, उनका विभाजन किया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि पूर्व में सत्यापन के बाद 251 नये मतदेय स्थलों के गठन का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन निरंतर पुनरीक्षण के चलते नए मतदाता जुडऩे से यह संख्या और बढ़ गई है। अत: पुन: चयन कर 1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों का विभाजन कर मतदाताओं को सुविधा दी जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि नए अनुभागों के निर्माण या मौजूदा मतदेय स्थलों के पुनर्गठन में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी परिवार विभाजित न हो। सभी परिवार के सदस्य एक ही अनुभाग और स्थान पर रहें। इसी तरह, एक ही इमारत या गली में रहने वाले मतदाता एक ही भाग में सम्मिलित हों। निर्वाचन कार्य में पारदर्शिता और सहयोग के लिए राजनीतिक दलों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नियमित बैठकें कर कार्यों की जानकारी साझा करने और बीएलओ व राजनीतिक दलों के बीएलए के बीच तालमेल बनाने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बीएलओ जब फील्ड में काम करें, तब सुपरवाइजर और एईआरओ उनकी जांच करें। सभी कार्यवाही पूर्ण पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। अधिकारी स्वयं रिपोर्ट को सत्यापित करें और उसकी जवाबदेही भी वही सुनिश्चित करेंगे। साथ ही ईपीआईसी कार्ड घर-घर पहुंचाने के लिए पोस्टमैनों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए जाएं।