गाजियाबाद। गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट पर बुधवार को मतदान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गया। इस बीच उपचुनाव को लेकर पोलिंग पार्टियां ईवीएम, वीवीपैट के साथ 507 पोलिंग बूथों पर मतदान कराने के लिए एक दिन पहले ही पहुंच चुकी थी। सुबह जैसे 7 बजे मतदान शुरू हुआ तो उससे पहले ही डीसीपी सिटी राजेश कुमार की टीम ने मोर्चा संभाले हुए था। जिले में कुल 33 प्रतिशत मतदान हुआ। बता दें कि 2022 में हुए विधानसभा चुनाव गाजियाबाद सदर विधानसभा सीट पर कुल 51.60 मतदाताओं ने वोट डाले थे। विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले 4.61 लाख से अधिक मतदाताओं ने 14 प्रत्याशियों में किसी एक को अपना नया विधायक चुनने के लिए सुबह सात बजे से शाम छह बजे के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मतदान किया। मतदान का परिणाम 23 नवंबर को मतगणना के बाद जारी होंगे। विधानसभा उपचुनाव के लिए क्षेत्र को 4 जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया, 119 मतदान केंद्र और 506 बूथ बनाए गए थे।
डीसीपी सिटी द्वारा शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद की गई थी। वहीं डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने अपनी टीम के साथ मतदान केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और लोगों से बातचीत कर निष्पक्ष मतदान का भरोसा दिलाया। नगर क्षेत्र में अपराधियों पर लगाम कसने और निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए डीसीपी सिटी राजेश कुमार की अहम भूमिका नजर आई। क्षेत्र का प्रभावी भ्रमण एवं मतदान व्यवस्था से संबंधित पूर्ण चौकसी बरतने एवं मतदान केन्द्रों पर मतदान व्यवस्था के लिए सभी व्यवस्थाएं जुटाने के लिए पिछले कई दिनों से लगातार अपनी कार्रवाई को अंजाम देते नजर आ रहे थे।
इस बीच चुनाव के दौरान अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए भी लगातार कार्रवाई की जा रही थी। डीसीपी सिटी की प्लानिंग और कार्रवाई का नतीजा है कि विधानसभा उपचुनाव बिना किसी विवाद के शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। चुनाव संपन्न होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। संवेदनशील तथा अति संवेदनशील बूथों तथा क्षेत्रों में सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किए हुए थे। असामाजिक तथा संदिग्ध किस्म के लोगों पर लगातार पुलिस की पैनी नजर थी। डीसीपी सिटी ने बताया ड्यूटी पर तैनात होने वाले सभी पुलिस जवानों तथा अधिकारियों को निर्देश दिए हुए थे कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आम जन के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार कर उनका सहयोग लिया जाए तथा असामाजिक किस्म के लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाए।

















