-स्वनिधि लाभार्थियों को मिले प्राथमिकता, वेंडिंग जोन का सत्यापन समयबद्ध ढंग से हो: नगर आयुक्त
-जून के पहले सप्ताह में होगी टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक
-प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को दी जाएगी प्राथमिकता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने और पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से गाजियाबाद नगर निगम एक सुनियोजित रणनीति पर काम कर रहा है। इसी सिलसिले में शनिवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगर निगम मुख्यालय में एक अहम बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, डूडा विभाग की भानुप्रिया सहित सभी जोनल प्रभारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य साप्ताहिक पैठ बाजारों को व्यवस्थित करना, आवागमन में आ रही बाधाओं को दूर करना और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर चुके विक्रेताओं को प्राथमिकता देना रहा। नगर आयुक्त ने सभी जोनल प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में मौजूद सभी साप्ताहिक बाजारों का भौतिक सत्यापन करें और विक्रेताओं की सूची तैयार कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को तेज करें। नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि जून के पहले सप्ताह में टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाई जाए, जिसमें वेंडिंग जोन के निर्धारण, अतिक्रमण की रोकथाम, विक्रेताओं के लिए अधोसंरचना, और स्थायी व्यवसायिक स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में विस्तृत योजना बनाई जाएगी।
साथ ही यह तय किया गया कि नगर निगम एक सर्वे फॉर्मेट जारी करेगा, जिसमें आधार कार्ड, पथ विक्रेता पहचान पत्र एवं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से संबंधित जानकारी अनिवार्य होगी। नगर आयुक्त ने जोनल टीमों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समझाकर उसे जमीनी स्तर पर लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कई पथ विक्रेताओं को योजना की जानकारी नहीं है, इसलिए उन्हें जागरूक कर इस प्रक्रिया से जोड़ा जाना जरूरी है। डूडा विभाग को भी अपने स्तर से सत्यापन करने के आदेश दिए गए हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी जोनल प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि साप्ताहिक पैठ बाजारों से जुड़े विक्रेताओं की सूची बाजार संगठनों से प्राप्त कर समयबद्ध ढंग से सर्वे एवं सत्यापन कार्य पूरा किया जाए। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में कोई देरी न हो और प्रत्येक पात्र पथ विक्रेता का आधार कार्ड व आवश्यक दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए। जिन विक्रेताओं ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त किया है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। सभी ज़ोनल टीमें आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करें और डूडा विभाग भी पथ विक्रेताओं के सत्यापन में सक्रिय भागीदारी निभाए।
महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम का उद्देश्य पथ विक्रेताओं को सुविधाएं देने के साथ-साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुगम बनाना है। अवैध अतिक्रमण को हटाकर तय वेंडिंग जोन में ही व्यापार की अनुमति दी जाएगी, जिससे जनता को राहत मिलेगी और बाजारों में भीड़भाड़ कम होगी। नगर निगम की इस पहल से शहर में सैकड़ों पथ विक्रेताओं को आर्थिक सुरक्षा, कानूनी मान्यता और सम्मानजनक व्यवसाय का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पहले से ऋण प्राप्त विक्रेताओं को प्राथमिकता देकर उन्हें स्थायी व्यवसाय करने की सुविधा दी जाएगी, जिससे उनका आत्मविश्वास और आय दोनों में वृद्धि होगी।

















