सिटी फॉरेस्ट पार्क बनेगा दिल्ली-एनसीआर का नया पर्यटन हॉटस्पॉट, पुनर्विकास योजना को मिली मंजूरी

-पुनर्विकास के बाद सिटी फॉरेस्ट बनेगा गाजियाबाद की वन स्टॉप डेस्टिनेशन: मंडलायुक्त
-जीडीए ने मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद के समक्ष प्रस्तुत किया नया मास्टर प्लान
-बच्चों से बुजुर्गों तक सभी के लिए बन रहा है हरियाली और मनोरंजन का आदर्श केंद्र

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद में पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों को विश्वस्तरीय हरित पर्यटन स्थल प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। शहर के सबसे बड़े और सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक हरित क्षेत्र सिटी फॉरेस्ट पार्क का अब समग्र और आधुनिक रूप में पुनर्विकास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका शनिवार को जीडीए सभागार में आयोजित बैठक में मेरठ मंडल के मंडलायुक्त और जीडीए अध्यक्ष ऋषिकेश भास्कर यशोद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी राजीव रत्न सिंह, कनिका कौशिक सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जीडीए की परामर्शदाता कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग ने सिटी फॉरेस्ट के विस्तृत पुनर्विकास योजना का प्रजेंटेशन दिया, जिसमें एक वन स्टॉप डेस्टिनेशन की संकल्पना को साकार करने की रूपरेखा बताई गई।

प्रस्तावित योजनाओं के अनुसार सिटी फॉरेस्ट को एक ऐसी जगह के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां लोग केवल टहलने नहीं बल्कि रोमांच, मनोरंजन और पर्यावरणीय शिक्षा का आनंद एक साथ ले सकेंगे। इसके तहत पार्क में जीप लाइनिंग, ट्रैकिंग ट्रेल्स, बोटिंग, बच्चों के लिए एक्टिविटी जोन, डेकोरेटिव लाइटिंग, एंपिथिएटर, योग व ध्यान स्थल, कैफेटेरिया और बर्ड वॉचिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य सिटी फॉरेस्ट को केवल एक पार्क नहीं, बल्कि एक शहरी जंगल के रूप में स्थापित करना है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लिए उपयोगी और आकर्षक हो। इस पार्क को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि यह दिल्ली-एनसीआर के पर्यटन मानचित्र पर एक नया चमकता हुआ सितारा बनकर उभरेगा। आसपास के शहरों से आने वाले पर्यटक, स्कूल-कॉलेज के शैक्षिक भ्रमण, योग शिविर, कला व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन जैसी संभावनाएं इस परियोजना को और अधिक उपयोगी बनाएंगी।

बाढ़ ने किया था नुकसान, अब मिलेगा नया जीवन
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में आई बाढ़ के दौरान सिटी फॉरेस्ट को भारी नुकसान पहुंचा था। बाढ़ के पानी में नावें, झूले, खेल उपकरण और अन्य संरचनाएं बह गई थीं, जिससे पार्क की सुंदरता और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ। अब जीडीए ने इस क्षति की भरपाई के लिए पार्क के समग्र पुनर्विकास की योजना बनाई है, जिसमें सुरक्षा, स्वच्छता और संरचनात्मक मजबूती को विशेष महत्व दिया जाएगा।

गाजियाबाद की नई पहचान बनेगा सिटी फॉरेस्ट
मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद ने कहा कि यह केवल एक पार्क का पुनर्निर्माण नहीं है, बल्कि यह गाजियाबाद की छवि बदलने वाला कदम है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों की भागीदारी, पर्यावरणीय स्थायित्व, और सार्वजनिक सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा हरित स्थल बनाना है जो न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि दिल्ली-एनसीआर के नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने। यह पार्क बच्चों के लिए खेल और पर्यावरण शिक्षा का केंद्र होगा, युवाओं के लिए ट्रैकिंग और रोमांच का अड्डा और बुजुर्गों के लिए शांति और सुकून की जगह बने।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाली बढ़ाने, जल संरक्षण, और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी प्राथमिकता दी जाएगी। सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटिंग, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, और वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं, जो इस पार्क को एक ग्रीन मॉडल पार्क बनाएंगी। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि नागरिकों के लिए यह पार्क शहरी जीवन की भागदौड़ में एक राहत भरा ठिकाना बनेगा, जहां वे प्रकृति से जुड़ सकेंगे और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिता सकेंगे।