बैंकों में खाता खोलते समय सतर्कता से पूर्ण करें वेरिफिकेशन: दिनेश कुमार पी.

-एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने साइबर क्राइम की रोकथाम को लेकर बैंक प्रबंधकों के साथ की बैठक

गाजियाबाद। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को साइबर अपराध से बचाव के लिए अब बैंकों में खाते खोलते वक्त पूरी सतर्कता से वेरिफिकेशन किया जाएगा। बैंकों में अकाउंट खोलते वक्त पूर्ण रूप से वेरिफिकेशन होगा। सोमवार को हरसांव पुलिस लाइन के परमजीत हॉल में एडिशनल पुलिस कमिश्नर दिनेश कुमार पी.ने जनपद के प्रमुख बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ साइबर अपराधों की रोकथाम एवं समन्वय व सहयोग को लेकर बैठक की। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी बैंकों की शाखा प्रबंधक इसमें सहयोग करें। बैठक में एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद, थाना साइबर क्राइम के प्रभारी संतोष कुमार तिवारी, इंस्पेक्टर, विवेचक,दारोगा एवं बैंकों के प्रबंधक उपस्थित रहे।

 

एडिशनल पुलिस कमिश्नर दिनेश कुमार पी. ने बताया कि बैठक में साइबर अपराध तथा साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर बैंकों की भूमिका पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बैंकों के प्रबंधकों से साइबर अपराधों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के लिए बैंक प्रबंधकों द्वारा सहयोग किया जाए। इसके साथ ही जनपद के सभी बैंकों की शाखा में पुलिस विवेचक के धारा-94 भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता के नोट्स पर साइबर अपराध से संबंधित बैंक खातों की डिटेल तत्काल उपलब्ध कराएं। चालू बैंक खाता खोलते समय वेरिफिकेशन पूरी सतर्कता के साथ कराएं,ताकि साइबर अपराधी मूल खाता बैंक में ना खुलवा सकें।

चालू खाता खोलते समय खाताधारक द्वारा दिए गए वार्षिक टर्नओवर से अधिक का खाते में ट्रांजेक्शन होने पर संदिग्ध ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट तत्काल सूचित करते हुए संबंधित ट्रांजेक्शन को सत्यापित करा लिया जाए। मूल बैंक खाते के सत्यापन में अपेक्षित सहयोग करें। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने कहा कि साइबर अपराधों के मुकदमे में वादी के पक्ष में जारी कोर्ट के रिफंड आदेश का क्रियान्वयन अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। बैठक में सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस का अपेक्षित सहयोग करने का भी आश्वासन दिया।