स्वास्थ्य सेवा की नई मिसाल बना यशोदा हॉस्पिटल का मेगा हेल्थ कैंप

-नि:शुल्क परीक्षण, विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी, महिलाओं-बुजुर्गों पर विशेष ध्यान
-200 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ, अस्पताल में दिखा सेवा और संवेदना का अद्भुत संगम

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। संजय नगर स्थित यशोदा हॉस्पिटल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि चिकित्सा केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि सेवा है। रविवार को आयोजित फ्री मेगा हेल्थ कैंप में न सिर्फ इलाज हुआ, बल्कि उम्मीदों और जि़म्मेदारी की नई कहानी भी लिखी गई। सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक चले इस भव्य शिविर में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया और व्यापक स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरी तरह नि:शुल्क लाभ उठाया। इस शिविर का उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि रोगों की समय पर पहचान, जागरूकता और रोकथाम रहा, जो यशोदा हॉस्पिटल के सेवा ही धर्म के मूल मंत्र को साकार करता है। शहर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों को पीएफटी, पीएसए, एचबीए1सी, शुगर, यूरिक एसिड और कोलेस्ट्रॉल जैसे महत्वपूर्ण टेस्ट्स पूरी तरह मुफ्त में कराए गए, जो विशेष रूप से डायबिटीज, हार्ट डिजीज और लंग डिसऑर्डर जैसे बीमारियों की प्रारंभिक पहचान के लिए अहम हैं।

हॉस्पिटल प्रशासन ने महिलाओं के लिए पैप स्मीयर और मैमोग्राफी जैसी टेस्टिंग की सुविधा भी रखी, जिससे गर्भाशय ग्रीवा और स्तन कैंसर जैसे गंभीर रोगों की समय पर जांच और रोकथाम हो सके। इस सुविधा को महिलाओं ने विशेष रूप से सराहा। इसके अलावा, हेपेटाइटिस बी व सी की स्क्रीनिंग, नेत्र परीक्षण, और डेंटल चेकअप भी अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में किए गए। फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, यूरोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञों की मौजूदगी में प्रतिभागियों को नि:शुल्क काउंसलिंग और परामर्श मिला। इस शिविर की सफलता केवल संख्याओं में नहीं, बल्कि उस आत्मीयता में थी, जो हर मरीज को मिली। प्रतीक्षा कर रहे मरीजों के लिए पीने के पानी, छाया और बैठने की समुचित व्यवस्था थी। अस्पताल स्टाफ ने हर नागरिक को सम्मानपूर्वक सेवा दी, जिससे यह आयोजन एक सामाजिक स्वास्थ्य उत्सव जैसा प्रतीत हुआ।

यशोदा हॉस्पिटल प्रबंधन ने शिविर की सफलता को टीमवर्क और सेवा भावना का परिणाम बताया और कहा कि आगे भी समय-समय पर इस तरह के नि:शुल्क शिविरों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि आमजन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। इस शिविर ने केवल रोगों का इलाज नहीं किया, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति समाज में नई जागरूकता भी पैदा की। यह आयोजन गाजियाबाद के लिए एक पॉजिटिव हेल्थ मॉडल बनकर उभरा है, जिससे अन्य संस्थानों को भी प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।