जीडीए दफ्तर के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, जल्द होगा पहल पोर्टल लॉन्च: अतुल वत्स

• एक क्लिक पर उपल्बध होगी ‘पहलÓ पोर्टल, पर प्रॉपर्टी से जुड़ी हर सेवा
• पारदर्शिता, सुविधा और तकनीक के संगम से बनेगा नया गाजियाबाद

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) एक और ऐतिहासिक कदम उठाने की ओर अग्रसर है। अब आवासीय योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता लाने के लिए जीडीए एक अत्याधुनिक पोर्टल ‘पब्लिक एक्सेस हाउसिंग एंड अलॉटमेंट लॉगिन (पहल)’ लॉन्च करने जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से न सिर्फ आवंटियों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि विकास प्राधिकरण के कार्यों में लोगों का विश्वास भी और गहराएगा। इस पोर्टल का उद्देश्य है ‘घर बैठे समाधान, डिजिटल अधिकार और पारदर्शी शासन। मंगलवार को जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के समक्ष इस पोर्टल का विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे गाजियाबाद के डिजिटल भविष्य की ओर एक क्रांतिकारी पहल बताया। बुधवार को कौशांबी में क्रेडाई के विशेष कार्यक्रम में उन्होंने इस पोर्टल के जरिए मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की। अब तक जीडीए से संबंधित किसी भी कार्य जैसे प्रॉपर्टी की जानकारी, भुगतान, एनओसी प्राप्ति, दस्तावेजों की पुष्टि आदि के लिए लोगों को कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन पहल पोर्टल के माध्यम से यह सभी सेवाएं ऑनलाइन सुलभ हो जाएंगी।

हर संपत्ति की यूनिक आईडी होगी, जिससे संबंधित आवंटी पोर्टल पर लॉगिन कर सीधे सारी जानकारियाँ देख सकेगा। यदि किसी आवंटी ने प्रॉपर्टी की पूरी धनराशि जमा कर दी है, तो एनओसी प्राप्त करने के लिए अब न लाइन लगेगी, न फाइलें इधर-उधर दौड़ेंगी। पोर्टल पर सिर्फ एक क्लिक से एनओसी के लिए आवेदन होगा और डिजिटल सिग्नेचर युक्त पीडीएफ फार्म में एनओसी सीधे आईडी पर अपलोड हो जाएगी। इससे बैंक लोन, प्रॉपर्टी ट्रांसफर और अन्य कार्य बेहद सरल हो जाएंगे। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पोर्टल सिर्फ गाजियाबाद के लिए नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में सबसे उन्नत, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम पोर्टल होगा। इसकी पहुंच हर नागरिक तक होगी, चाहे वह शहर में हो या देश के किसी अन्य कोने में।

जीडीए अब पुरानी व्यवस्थाओं को पीछे छोड़कर एक नए, डिजिटल और पारदर्शी भविष्य की ओर बढ़ रहा है जहाँ विकास भी होगा और विश्वास भी बढ़ेगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता अब नागरिकों की सुविधा, पारदर्शिता और तकनीकी प्रगति है। ‘पहलÓ पोर्टल के ज़रिए हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अब किसी भी आवंटी को जीडीए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। हर जानकारी, हर प्रक्रिया अब एक क्लिक की दूरी पर होगी। यह पोर्टल न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में एक नया मानक स्थापित करेगा। हमारी कोशिश है कि नागरिकों को सम्मान, सुविधा और विश्वास के साथ एक मजबूत डिजिटल अनुभव दिया जाए। यह केवल तकनीक नहीं, यह शासन और सेवा में एक नई क्रांति है।

किस्तों की ‘स्मार्ट रिशेड्यूलिंग
अभी तक अधिक राशि जमा करने पर बची हुई किस्तों को मैनुअली एडजस्ट किया जाता था, जिससे आवंटियों को भ्रम और परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह प्रक्रिया आरबीआई गाइडलाइंस के अनुसार अपने आप स्मार्ट रिशेड्यूलिंग के रूप में पूरी हो जाएगी।

‘पहल’ पोर्टल लाएगा शासन व्यवस्था में विश्वास की बहार
पोर्टल के जरिए जीडीए न केवल प्रक्रियाओं को डिजिटल बना रहा है, बल्कि आम नागरिकों को डिजिटल सशक्तिकरण भी दे रहा है। अब फाइलें दबेंगी नहीं, अधिकारी से मिलने की जरूरत नहीं, और किसी प्रकार की जानकारी छुपाई नहीं जा सकेगी। यह पोर्टल गाजियाबाद के शहरी विकास में ई-गवर्नेंस की मिसाल पेश करेगा।