नगर निगम के कदम से दूर हो सकेगी बड़ी समस्या
गाजियाबाद। शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए नगर निगम जल्द 2 प्रोसेसिंग यूनिट चालू कर देगा। इन यूनिट से रोजाना 350 से 400 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होगा। इसके बाद शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार आएगए। वहीं, नगर निगम गठन के 25 साल बाद शहर में कूड़ा-कचरे की समस्या का भी काफी हद तक दूर हो सकेगी। नगर निगम और निजी कंपनी द्वारा कचरे की प्रोसेसिंग के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर यह दोनों प्रोसेसिंग यूनिट 28 फरवरी से पहले बनकर तैयार हो जाएंगी। इन यूनिट का संचालन शुरू होने से कूड़े का निस्तारण होगा। वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 रैंकिंग में सुधार आने की उम्मीद है। म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि इन दोनों यूनिट के चालू होने के बाद शहर मेंं कूड़ा-कचरा की समस्या का काफी हद तक निस्तारण हो सकेगा। बता दें कि नगर निगम ने 2 साल पहले प्रताप विहार स्थित डंपिंग ग्राउंड साइट एनजीटी के आदेश पर बंद कर दी थी। इसके बाद नगर निगम के पास कचरा निस्तारण के संसाधन नहीं बचे थे। नतीजन वर्ष-2020 के स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम की रैंकिंग घटकर 31 पर पहुंच गई थी। म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड साइट तैयार करने की बजाए इंदौर और गोवा की तर्ज पर वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का निर्णय लिया। नगर निगम ने पांचों जोन में एक-एक यूनिट लगाकर प्रत्येक जोन का कचरा निस्तारित कराने की योजना तैयार की है। इसके तहत सिटी जोन क्षेत्र में सिहानी और नंदग्राम में कचरा यूनिट लगाने का काम जल्द पूरा हो जाएगा। वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट में नगर निगम के वाहन डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर कचरा पहुंचाएंगे। यह कचरा प्लांट में लगी कनवेयर बेल्ट पर डाल दिया जाएगा। प्लांट में इस कचरे से प्लास्टिक, कांच, लोहा, लकड़ी और अन्य सूखा कचरा अलग करने हेतु कूड़ा बीनने वालों को कांट्रेक्ट पर रखा जाएगा। कर्मचारी सूखे कचरे को अलग-अलग कर रखेंगे। इसके बाद कनवेयर बेल्ट पर सिर्फ गीला कचरा बचेगा। इस कचरे को अलग यार्ड में पहुंचाया जाएगा। वहां इससे जैविक खाद तैयार की जाएगी। म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह का कहना है कि कूड़ा प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए नगर निगम का कोई फंड खर्च नहीं होगा। प्राइवेट फर्म के साथ अनुबंध कर 10 साल के लिए जमीन लीज पर दी है। यह कंपनी स्वयं के खर्च पर प्रोसेसिंग यूनिट लगा रही है। प्लांट से फर्म को जो आमदनी होगी, उसमें नगर निगम हिस्सेदार होगा। यह प्लांट निगम के लिए फंड भी देगा। उनका कहना है कि यह दोनों वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट प्लांट फरवरी के अंत तक तैयार हो जाएंगे।
















