बिल्डर प्रोजेक्ट्स से बाहर निकलेगी किसानों की 3771 एकड़ भूमि

-वेब सिटी और सनसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डर की सनसिटी प्रोजेक्ट से सैकड़ो एकड़ भूमि का निपटारा, जल्द होने की संभावना

गाजियाबाद। नेशनल हाइवे-9 से सटे उप्पल चड्ढा गु्रप की वेब सिटी और सनसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डर की सनसिटी प्रोजेक्ट से किसानों की लगभग 3771 एकड़ जमीन योजना से बाहर होने का रास्ता अब साफ हो गया है। इसमें वेब सिटी से 300 एकड़ और सनसिटी से 3471 एकड़ जमीन किसानों की बाहर हो सकती हैं। जीडीए सभागार में जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश की अध्यक्षता में बिल्डरों के साथ हुई बैठक में जमीन को बाहर करने की सहमति बन गई है। वेब सिटी और सनसिटी इन दोनों प्रोजेक्ट की संशोधित डीपीआर शासन की स्वीकृति को भेजी जाएगी। वहां से हरी झंडी मिलते ही जमीन डीपीआर से बाहर हो जाएगी। जीडीए के मुख्य नगर नियोजक आशीष शिवपुरी ने बताया कि वेव सिटी 4400 एकड़ व सनसिटी 4300 एकड़ जमीन पर ग्रुप हाउसिंग के तहत फ्लैट बनाने थे। लेकिन दोनों समूह को पूरी जमीन नहीं मिल पाई। ऐसे में किसानों से सीधे खरीदी जाने वाली जमीन को डीपीआर से बाहर करने का प्रस्ताव जीडीए में दिया गया था। इसे मंजूरी मिलने के बाद अब शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। वेब सिटी अब 4100 एकड़ जमीन और सनसिटी 829 एकड़ पर विकसित की जाएगी। प्रदेश शासन के निर्देश पर जीडीए ने वर्ष 2005 में 19 गांवों की जमीन पर वेब सिटी व सनसिटी विकसित करने के लिए बिल्डरों को लाइसेंस दिया था। टाउनशिप में आ रही 300 एकड़ जमीन को वेब समूह व सनसिटी समूह 3471 एकड़ जमीन बिल्डर किसान से अभी तक नहीं खरीद पाए थे। किसान जमीन के ज्यादा रेट मांग रहे थे। जबकि बिल्डर कम दे रहा था। ऐसे में अब टाउनशिप के क्षेत्र में जमीन नोटिफाइड होने के कारण किसान न तो किसी दूसरे बिल्डर को जमीन बेच पा रहे थे और न ही खुद निर्माण कर पा रहे थे। इसी कारण किसानों को भी परेशानी हो रही थी।