राजस्व वसूली बढ़ाने पर होगा प्रशासन का फोकस, डीएम गंभीर

गाजियाबाद। जनपद में लंबित राजस्व वादों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण कराने के लिए जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। इसके अलावा राजस्व वसूली बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया है। दोनों बिंदुओं पर प्रशासन अब सख्त कार्रवाई करेगा। इस सिलसिले में राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल ने सोमवार को वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए डीएम राकेश कुमार सिंह को गाजियाबाद में राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। शासन ने मौजूदा वित्तीय वर्ष का गाजियाबाद का राजस्व वसूली का 2235 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।

इसके सापेक्ष अभी तक 50 फीसद राजस्व वसूली हो सकी है। करीब 1100 करोड़ रुपए की वसूली आबकारी विभाग से लेकर परिवहन, स्टांप विभाग, संपत्तियों की रजिस्ट्री आदि विभागों द्वारा लक्ष्य के अनुरूप की गई है। राजस्व वसूली को बढ़ाने के लिए अब वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए दिशा-निर्देश दिए गए है ताकि लक्ष्य पूरा कराया जा सके। वहीं,राजस्व से जुड़े हुए कार्यों में शासन की मंशा के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए।राजस्व संहिता के अंतर्गत राजस्व वादों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण किया जाए। वहीं, आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण तरीके से समय अवधि में निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

बता दें कि शासन ने व्यवस्था की है कि रजिस्ट्रार राजस्व परिषद के स्तर से राजस्व परिषद के विभिन्न न्यायालयों में जो वाद पत्रावलियां जिले स्तर से प्रेषित की जाती हैं। वह राजस्व परिषद से जनपद स्तर को वाद के निस्तारण उपरांत आदेश का अनुपालन के लिए भेजी जाती हैं। उसके विलंब होने के कारण एडीएम वित्त एवं राजस्व द्वारा वाद की फाइलों को निर्धारित तारीख से पूर्व राजस्व परिषद को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व परिषद की वीडियो कॉफ्रेंसिंग में राजस्व वसूली में तेजी लाने के साथ लंबित राजस्व परिषद से वादों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।