समिति की जांच के बाद शस्त्र लाइसेंस को मिलेगी हरी झंडी

शस्त्र लाईसेन्स की कठोर एवं ईमानदार प्रक्रिया की नई शुरूआत

डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में गठित की समिति

गाजियाबाद। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने एक और नई शुरुआत की है। असलाह संबंधित समस्याओं के निस्तारण हेतु समिति बनाई गई है। समिति में मुख्य विकास अधिकारी को अध्यक्ष एवं अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं प्रभारी अधिकारी (शस्त्र) को सदस्य बनाया गया है। यह समिति प्रत्येक सप्ताह सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक कलेक्टे्रट स्थित महात्मा गांधी सभाकक्ष में शस्त्र/असलाह से जुड़े मामलों की जन-सुनवाई करेगी और मौके पर उचित निर्णय लेगी। यदि किसी को वास्तविक तौर पर शस्त्र की आवश्यकता है, तो समिति प्रकरण में अपनी संस्तुति कर जिलाधिकारी को उचित निर्णय हेतु प्रेषित करेगी। जिलाधिकारी का कहना है कि यह सामान्य रूप से ख्याति बन चुकी है कि हर पटल पर बिना पैसे दिए कोई कार्य नहीं होता है। इसको दफन करने के लिए पारदर्शी, ईमानदार, भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया का पुख्ता खाका तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि जन-सुनवाई के दौरान प्रतिदिन लोग असलाह संबंधित समस्याओं को लेकर आते है और उनमें अधिकांश ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें वास्तव में शस्त्र की आवश्यकता नहीं है, परंतु वे शौकिया तौर पर शस्त्र लाईसेंस बनवाने हेतु आवेदन करते हंै। ऐसे में जिन्हें वास्तव में शस्त्र लाईसेंस की आवश्यकता होती है, वह भी वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा कुछ लोग दूर-दराज से भी शस्त्र लाईसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचते है। इन समस्याओं के निदान के लिए समिति का गठन कराया गया है। समिति के निर्णय के आधार पर शस्त्र लाईसेंस जारी किए जाएंगे।