गाजियाबाद। नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक बुधवार 3 मार्च को सुबह 11 बजे से होगी। मेयर आशा शर्मा ने बैठक बुलाने के लिए म्युनिसिपल कमिश्नर को भेजे गए पत्र के बाद एजेंडा तैयार कर कार्यकारिणी सदस्यों को वितरित किया जा चुका है। मेयर आशा शर्मा ने बताया कि 3 मार्च को प्रस्तावित कार्यकारिणी बैठक में वित्तीय वर्ष-2021-22 का मूल प्रस्तावित बजट पेश किया जाएगा। नए साल का यह शहर में विकास कार्य कराने के लिए पेश किया जाएगा। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष-2021-22 का मूल बजट 1119.52 करोड़ रुपए का रखा है। इसमें 816.36 करोड़ आय और 829.65 करोड़ रुपए व्यय का रखा जाएगा। अंतिम अवशेष को जोड़कर कुल 2898 करोड़ का बजट पेश किया जाएगा। बजट से इस साल में कराए जाने वाले विकास कार्यों को रखा जाएगा। नगर निगम के लेखाधिकारी अरूण कुमार मिश्रा ने बताया कि बजट तैयार कर एजेंडे में शामिल कर लिया गया हैं। निगम कार्यकारिणी की 3 मार्च को होने वाली बैठक में इस बजट को पेश किया जाएगा। राजस्व, लाइसेंस, विक्रय, किराया,ठेका, शुल्क, शासकीय अनुदान और विविध आय को मिलाकर कुल 816.36 करोड़ आय रखी गई हैं। इसके अलावा नगर निगम द्वारा किए जाने वाले व्यय में सार्वजनिक निर्माण, जल, प्रकाश, स्वास्थ्य विभाग, उद्यान, शिक्षा-खेलकूद, प स्तकालय, संपत्ति एवं प्रवर्तन, सामान्य प्रशासन कार्मिक, नजारत लेखा, ऋणों का भुगतान, शासकीय अनुदान आदि मदों पर 829.65 करोड़ व्यय का बजट रखा गया हैं। बता दें कि पिछले दिनों नगर निगम ने मौजूदा वित्तीय वर्ष का पुनरीक्षित बजट बोर्ड बैठक में पेश किया था। हालांकि इस बजट का कोई ज्यादा महत्व नहीं रहा। मार्च-2020 से फरवरी-2021 तक नगर निगम का साल विकास कार्यों को पूरा कराने के लिहाज से थोड़ा सुस्त रहा। वार्डों में एक करोड़ के कार्य नहीं होने से लेकर वार्ड कोटा भी 20 लाख रुपए कर दिया गया। ऐसे में नगर निगम के सभी 100 पार्षदों की निगाहें अब चालू वित्तीय वर्ष-2021-22 के बजट पर टिकी हुई हैं। इस बजट से पार्षदों को विकास कार्य होने की उम्मीद हैं। खास बात यह है कि अगले साल-2022 में प्रदेश में विधान सभा चुनाव के बाद नगर निगम के चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्षदों के लिए यह अंतिम वर्ष का बजट होगा। ऐसे में पार्षद चुनाव से पहले इस अंतिम वर्ष के बजट से वार्डों में अधिक से अधिक विकास कार्य कराने की मारामारी रहेगी।